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Ariadne Papagapitos, Lighthouse Reports

सिर्फ एक ईमेल के लहजे से खतरे में पड़ सकती है साझा जांच: सात साल के अनुभव

आजकल साझेदारी आधारित खोजी पत्रकारिता के काफी प्रयोग हो रहे हैं। ऐसे सहयोग विभिन्न देशों की सीमाओं के पार भी होते हैं जिसके कारण वैश्विक पत्रकारिता संभव हो पाती है। विभिन्न साझेदारों के संसाधनों, अनुभवों और विशेषज्ञता का लाभ मिलता है। ऐसे सहयोग को सर्वोत्तम माना जाता है, जो सहज हों। जिसमें प्रत्येक भागीदार की बात सुनी जाती हो। इसमें सभी भागीदार अपना योगदान देते हैं। उनमें किसी मतभेद पर चर्चा के जरिए जांच को समृद्ध किया जाता है। सबके प्रयासों से अंतिम जांच काफी व्यापक होती है।

Rohit Saran, managing editor of The Times of India, speaking at the 206 VizChitra conference in Bengaluru.

डेटा पत्रकारिता

कैसे एक व्हाट्सऐप समुदाय भारत में डेटा प्रस्तुतीकरण के परिदृश्य को बदल रहा है

समय के साथ यह एक व्हाट्सऐप समूह से आगे बढ़कर कई विशेष समूहों का नेटवर्क बन गया है। इनमें नौकरी, शिक्षा-जगत, किताबों के पढ़ने वालों, D3 (डेटा-ड्रिवन डॉक्यूमेंट) सीखने वालों, एआई, साउंड विजुअलाइज़ेशन और विजुअलाइज़ेशन पर फीडबैक जैसे अलग-अलग समूह हैं। इन समूहों में सरकारी डेटा खोजने से लेकर जटिल स्प्रेडशीट को साफ करने, चार्ट की समीक्षा करने, कोड साझा करने और करियर से जुड़े सवालों तक पर चर्चा होती है।

A person draws project plans on a see-through meeting room wall in coloured pen.

साझा रिपोर्टिंग में ‘समन्वयक’ का महत्व

एक खोजी समन्वयक को अक्सर एक ही मीडिया संस्थान अथवा विभिन्न भागीदारों की साझा जांच के प्रबंधन का कार्य सौंपा जाता है। उसके पास संबंधित परियोजना का व्यापक दृष्टिकोण होता है। इसमें जांच से जुड़े विभिन्न पहलुओं से लेकर संभावित प्रकाशन तिथि की जानकारी तक शामिल होती है। जांच के प्रारंभ से लेकर प्रकाशन और उसके बाद तक सभी मामलों में उसकी कार्यकारी भूमिका होती है।

Ukrainian refugees at Lviv railway station in 2022, waiting for a train to leave Ukraine. Image: Shutterstock

प्रवासन और विस्थापितों पर रिपोर्टिंग कैसे करें

किसी आपात स्थिति में सुरक्षित आवागमन के अभाव और हताशा में भी लोग पलायन करते हैं। रेगिस्तानों को पार करने वाले सीलबंद मालवाहक ट्रकों से लेकर यूरोप की सीमाओं के पास गोपनीय अस्थायी हिरासत केंद्रों जैसे मुद्दे अहम हैं। विभिन्न देशों के बीच प्रवासियों का आवागमन आज पत्रकारों के लिए महत्वपूर्ण विषय बन चुका है।

GIJN Academy collage

जीआईजेएन ने खोजी पत्रकारिता की अकादमी आरंभ की

इसके अंतर्गत प्रशिक्षण लेने वालो के लिए खोजी पत्रकारिता का परिचय, ऑनलाइन ठगी, सैटेलाइट इमेजरी, सहयोगात्मक रिपोर्टिंग, खाद्य असुरक्षा, तकनीक और एआई, पर्यावरण अपराध, लीक और डेटा पत्रकारिता आदि विषयों से परिचित कराया जाएगा।

GIJC25 - Investigating War Crimes Using Satellite Imagery panel

युद्ध अपराधों की जांच के लिए सैटेलाइट चित्रों का उपयोग

सैटेलाइट के जरिए लाइट स्पेक्ट्रम के अलग-अलग हिस्सों से डेटा इकट्ठा किए जाते हैं। इनसे पत्रकार उन बदलावों का पता लगा पाते हैं जो नंगी आंखों से दिखाई नहीं देते। रडार सैटेलाइट के जरिए बादलों के पार भी देखा जा सकता है। इसका इस्तेमाल 2021 के अंत में यूक्रेन की सीमा के पास रूसी सैन्य शिविरों का पता लगाने के लिए किया गया। भले ही अलग-अलग वाहन दिखाई नहीं दे रहे थे, लेकिन रडार सैटेलाइट डेटा के पैटर्न से सैन्य कार्रवाई की तैयारी संबंधी बदलाव देखने को मिले। हम इन सैन्य शिविरों को अपनी आंखों से नहीं देख सकते थे। लेकिन अगर ऐसे पैटर्न अचानक दिखाई देते हैं, जो पहले नहीं थे, तो आप अनुमान लगा सकते हैं कि ये मिलिट्री वाहन हैं।

कुछ खबरें डाक्यूमेंट्री फिल्म के जरिए ही बेहतर असर डालती हैं : एंड्रास पेथो

अगर इसे एक खबर के रूप में लिखा गया होता, तो इस पूरी कहानी में हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बन की भूमिका दिखाना मुश्किल होता। कारण यह कि इन सौदों में उनकी कोई संलिप्तता नहीं है। इस बात का कोई सबूत नहीं है कि वे अपने दामाद के व्यापारिक सौदों में शामिल थे। लेकिन हम जानते हैं कि यह एक सच्चाई है। उन्होंने ही ऐसी राजनीतिक व्यवस्था बनाई थी जिसके चलते यह सब संभव हो सका।

भारत की खोजी पत्रकार ऋतु सरीन ने साझा किए चार दशकों के अनुभव

मैं साक्षात्कार के लिए प्रश्नवाचक शैली के बजाय संवादात्मक शैली को प्राथमिकता देती हूं। मुझे 1987 में पूर्व राष्ट्रपति ज़ैल सिंह के साथ अपने एक विशेष साक्षात्कार की याद है। बातचीत में उन्होंने स्वीकार किया कि विपक्ष ने उन्हें तत्कालीन राजीव गांधी सरकार को बर्खास्त करने के लिए भारी रकम की पेशकश की थी। मुझे याद है कि जब उन्होंने यह कहा तो मैंने खामोश रहने का नाटक किया।

डिजिटल घोटाले, जानलेवा अस्पताल, भयावह आप्रवासन : 2025 में भारत की सर्वश्रेष्ठ खोजी खबरें

खोजी पत्रकारिता धीरे-धीरे अंग्रेजी मीडिया से निकलकर स्थानीय भाषा के समाचार पत्रों के दफ्तरों की ओर बढ़ रही है। हिंदी अखबार और स्वतंत्र यूट्यूब पत्रकार, खोजी पत्रकारिता को अपना रहे हैं। इनमें खास तौर पर स्थानीय भाषाओं के पत्रकार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

Simon Allison (left) and Christine Mungai of The Continent, speaking at a panel on covering investigations with a personal connection at a panel at AIJC25

व्यक्तिगत संबंधों को प्रभावित करने वाली खोजी ख़बरें कैसे करें?

अक्सर कहा जाता है कि जब पत्रकार का किसी कहानी से करीबी रिश्ता होता है, तो किसी व्यक्ति या संस्था से उसका व्यक्तिगत संबंध उसकी निष्पक्षता को प्रभावित कर सकता है।

The Peruvian investigative journalist Fabiola Torres discusses investigating the global pharamaceutical industry at GIJC25. Image: Zahid Hassan for GIJN

दवाइयों की दुनिया में प्रचलित एकाधिकार की जांच कैसे करें

वैश्विक बाजार के लगभग 90% हिस्से को तीन कंपनियां नियंत्रित करती हैं। इनके नाम हैं- नोवो नॉर्डिस्क, एली लिली और सैनोफी। उनके नए, एनालॉग संस्करण नए पेटेंट और उपकरण सुरक्षा की परतों के नीचे दबे हुए हैं। फैबियोला टॉरेस के अनुसार किसी पुरानी दवा के चारों ओर एक ‘नए पेटेंट की बाधा’  बना दी जाती है।

GIJC27 announcement VVOJ co-host, Netherlands

खोजी पत्रकारों का 15वाँ वैश्विक सम्मेलन नीदरलैंड में 2027 में होगा

VVOJ उन संस्थानों में से है जो न्यूज़रूम में इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग को प्राथमिकता दिलाने की वकालत करता है। संस्था का एक अन्य पुरस्कार “फ्लाइवील अवॉर्ड” विशेष रूप से उन संपादकों को सम्मानित करता है जो रिपोर्टरों को रोज़मर्रा की खबरों से समय निकालने और गहन जांच पर काम करने का अवसर देते हैं।

Investigations from x, y, z, and a were recognized at the Global Shining Light Award ceremony at GIJC25

अवार्ड

2025 के ग्लोबल शाइनिंग लाइट अवॉर्ड (GSLA) चार संस्थानों को

पाँच महाद्वीपों के खोजी संपादकों की पाँच-सदस्यीय समिति ने 13 उत्कृष्ट फाइनलिस्टों में से विजेताओं का चयन किया। बड़े  मीडिया संस्थानों की श्रेणी में दो विजेताओं को चुना गया। इसी तरह छोटी और मध्यम संस्थाओं (20 या इससे कम स्टाफ, फ्रीलांसर शामिल) की श्रेणी में एक विजेता घोषित किया गया। अफ्रीका से एक विशेष प्रविष्टि को विशेष प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।

नई तकनीक और एआई पर चर्चा के साथ खोजी पत्रकारों के वैश्विक सम्मेलन की शुरुआत

इन सबके बावजूद, पत्रकारों के सामने एक नाजुक जिम्मेदारी, नफरत को अनजाने में बढ़ावा न देने की है। पैनलिस्टों ने सुझाव दिया कि पत्रकारों को नफरत भरे संदेशों को संदर्भ सहित रिपोर्ट करना चाहिए। उनका प्रसार कम से कम रखना चाहिए। निशाने पर आए समुदायों की आवाज़ को प्रमुखता देनी चाहिए और गालियों या नफरत भरी भाषा को सीधे दोहराने से बचना चाहिए।

A reporter holding a magnifying glass peers out of the Indian flag.

सदस्यों के बारे में

कठिन सवाल, निर्भीक पत्रकारिता: ‘द रिपोर्टर्स कलेक्टिव’

आज ‘द रिपोर्टर्स कलेक्टिव’ में छह पूर्णकालिक कर्मचारी कार्यरत हैं। स्वतंत्र पत्रकारों का एक अच्छा नेटवर्क है। यह हर महीने दो से तीन लंबी जांच-पड़ताल पर ध्यान केंद्रित करता है। इसकी कार्यप्रणाली ‘मितव्ययी’ है। यह पूरी तरह से पाठकों द्वारा वित्त पोषित है। यह उनके दान पर निर्भर है। नितिन सेठी कहते हैं- “पहले दिन से ही हमारी 85% राशि का उपयोग खबरों के उत्पादन में लग रहा है।”

An illustration shows the shadows of four reporters in the choppy seas of data journalism, making their way towards a lighthouse.

एशिया में डेटा पत्रकारिता : मीडिया, समुदाय और साक्ष्यों के नए रिश्ते

इंडिया-स्पेंड धीमे और धैर्यपूर्ण डेटा कार्य की ताकत को दर्शाता है। लेकिन एल्गोरिदम की गति डेटा पत्रकारिता में एक कमज़ोर बिंदु को उजागर करती है। रॉयटर्स 2025 फ़ेलो और बूम लाइव की उप-संपादक, करेन रेबेलो कहती हैं – “एल्गोरिदम के सामाजिक प्रभाव पर अधिकांश डेटा-संचालित शोध अनुदान-वित्त पोषित हैं। मुख्यधारा के समाचार संस्थान इसमें कोई निवेश नहीं कर रहे हैं।”

एशिया : सरकारी खजाने की लूट पर साझा खोजी पत्रकारिता

एक समय किर्गिज़स्तान की गिनती मध्य एशिया के सबसे लोकतांत्रिक गणराज्यों में होती थी। यहां वास्तविक चुनाव होते थे। एक सशक्त नागरिक समाज और एक जीवंत मीडिया परिदृश्य था। लेकिन एक लोकलुभावन और निरंकुश राष्ट्रपति के शासन में कई स्वतंत्र मीडिया संस्थानों पर भारी दबाव हैं।

Asia Focus environmental exploitation

एशिया में घटती प्रेस की स्वतंत्रता के बावजूद पर्यावरण अपराधों पर साझा पत्रकारिता कैसे हो रही है

पर्यावरण संबंधी ज़रूरी मुद्दे स्वाभाविक तौर पर देशों की सीमाओं से परे होते हैं। इसलिए अच्छी जांच के लिए विभिन्न देशों में काम करना आवश्यक है। लेकिन भाषा, दूरी, प्रेस की स्वतंत्रता से जुड़े मामलों और संसाधनों की कमी के कारण साझा पत्रकारिता काफी चुनौतीपूर्ण है। इसके बावजूद, स्थानीय स्तर पर कई महत्वपूर्ण विषयों पर खोजी पत्रकारिता के उदाहरण देखने को मिलते हैं।

Asia Focus, Kunda Dixit, Centre for Investigative Journalism - Nepal

‘प्रभाव अक्सर अवचेतन होता है’: नेपाली पत्रकारिता के अनुभवी कुंदा दीक्षित, अपने रिपोर्टिंग जीवन के उतार-चढ़ाव पर।
'प्रभाव अक्सर अवचेतन होता है': नेपाली पत्रकारिता के अनुभवी कुंदा दीक्षित, अपने रिपोर्टिंग करियर के उतार-चढ़ाव पर

जीआईजेएन ने वर्ष 2016 में नेपाल की राजधानी काठमांडू में दूसरा ‘अनकवरिंग एशिया सम्मेलन’ आयोजित किया। यह सम्मेलन ऐतिहासिक था। इसे आयोजित करने वाले प्रमुख लोगों में कुंदा दीक्षित शामिल थे। लेकिन सम्मेलन शुरू होने से ठीक पहले कुछ घटनाओं का एक जटिल मोड़ आया। इसके कारण वह व्यक्तिगत रूप से सम्मेलन में शामिल नहीं हो सके। गिरफ़्तारी से बचने के लिए वह स्व-निर्वासन में चले गए।

Asia Focus main image

एशिया में खोजी पत्रकारिता : बढ़ती चुनौतियों के बीच प्रतिरोध, सहयोग और बदलाव

भारत में डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म्स ने ऐसी खबरों के लिए वैकल्पिक माध्यम तैयार किए हैं, जो वाकई जनता के लिए मायने रखती हैं। जीआईजेएन की सदस्य संस्था ‘द रिपोर्टर्स कलेक्टिव’ ने अपनी खोजी रिपोर्टिंग के लिए ख्याति प्राप्त की है। इसने चुनावी बॉन्ड के जरिए भ्रष्टाचार, सरकारी योजनाओं में अनियमितताओं और कॉर्पोरेट व राजनेताओं के बीच सांठगांठ जैसे मुद्दे उजागर किए हैं। ‘द स्क्रॉल’ और ‘द वायर’ ने निगरानी, पर्यावरण उल्लंघनों और राज्य सत्ता के दुरुपयोग जैसे मुद्दों की पड़ताल की है। ‘द कारवां’ पत्रिका ने सांप्रदायिक हिंसा, न्यायपालिका और राजनीतिक भ्रष्टाचार पर गहन लेख प्रस्तुत किए हैं। ‘न्यूज़लॉन्ड्री’ ने मीडिया की भूमिका पर ही ध्यान केंद्रित किया है और मीडिया स्वामित्व के पैटर्न, दुष्प्रचार और संपादकीय स्वतंत्रता में गिरावट की जांच की है।

The megayacht Eclipse, owned by Russian oligarch Roman Abramovich. Abramovich was forced to sell his ownership stake in the English football club Chelsea after Russia invaded Urkaine in early 2022, due to the billionaire's ties to Russian President Vladimir Putin. Image: Shutterstock

अमीरों के भ्रष्टाचार के नए तरीकों पर रिपोर्टिंग कैसे करें?

यह मत सोचिए कि सरकारी जानकारी हमेशा उपलब्ध रहेगी। जिस देश में लोकतंत्र के कमजोर होने का खतरा हो, वहां आपको अपने रिकॉर्ड बनाने के लिए डेटा पत्रकारिता रणनीति का उपयोग करना चाहिए। रूस, कुछ अरब देशों और वेनेज़ुएला में ऐसे मामले देखने को मिल रहे हैं।

GIJC25 Program Sneak Peek

मलेशिया में होने वाले खोजी पत्रकारिता सम्मेलन की एक झलक
20 से 24 नवंबर को कुआलालंपुर में होगा दुनिया का सबसे बड़ा खोजी पत्रकारिता सम्मेलन

जीआईजेसी25 केवल एक सम्मेलन नहीं, बल्कि खोजी पत्रकारिता का वैश्विक संगम है। यहाँ नई तकनीकों, सहयोगी प्रोजेक्ट्स और व्यावहारिक प्रशिक्षण पर जोर होगा। जो पत्रकार अपने काम को और गहराई व असरदार बनाना चाहते हैं, उनके लिए यह सम्मेलन एक अनोखा अवसर है।

Mill Media founder and editor Joshi Herrmann speaking at the 2025 CIJ Summer Conference in London. Image: GIJN

सफल स्थानीय खोजी मीडिया संगठन कैसे चलाएं?

सफल स्थानीय खोजी मीडिया संगठन चलाना आसान नहीं है। दिलचस्प खबरों के मामले में स्थानीय समाचार संगठनों की रैंकिंग अक्सर निचले पायदान पर होती है। ट्रेनों के विलंब से चलने और किसी की बिल्ली लापता होने जैसे स्थानीय समाचारों का अपना अलग महत्व है। लेकिन ऐसी खबरों के भरोसे आप बहुत आगे नहीं जा सकते। ऐसी खबरों के आधार पर आपको पुलित्ज़र जैसे बड़े पुरस्कार मिलने की संभावना कम है।

Turning Unreadable Text into Evidence, Henk van Ess, Digital Digging

इंटरनेट पर अस्पष्ट और अपठनीय सामग्री से साक्ष्य कैसे निकालें?

ओपन सोर्स इंटेलिजेंस में लोग अपने पसंदीदा टूल से प्यार करते हैं। किसी भी विशेषज्ञ से पूछें तो वह आपको अपनी पसंद के कई टूल का नाम बता देंगे। कहेंगे कि टोपाज़ गीगापिक्सल प्रो का उपयोग करो। कोई आपको जाइरो-आधारित न्यूरल सिंगल इमेज डेब्लरिंग टूल का सुझाव देगा। यहां ऐसे सभी टूल की सूची दी गई है। लेकिन असली समाधान सिर्फ आपके पसंदीदा सॉफ़्टवेयर से नहीं निकलता है। पहले आपको यह स्वीकार करना होगा कि आप सब कुछ नहीं जानते हैं।

Codesinfo project digital tools to fight disinformation

दुष्प्रचार से निपटने के लिए पांच फ्री ओपन सोर्स टूल

कैपी को जेमिनी की तकनीक पर बनाया गया है। यह गूगल द्वारा विकसित एक लार्ज लैंगुएज मॉडल (एलएलएम) है। कुशल तरीके से विश्वसनीय उत्तर तैयार करने ने लिए यह रीट्राइवल ऑगमेंटेड जेनरेशन (आरएजी) का उपयोग करता है।