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पतनशील लोकतंत्र में कैसे टिके पत्रकारिता? भारत और हंगरी के संपादकों ने बताए पाँच उपाय

भारत में मीडिया संगठनों पर मनी लॉन्ड्रिंग या टैक्स-चोरी जैसे आर्थिक अपराधों के आरोप लगाए जाते हैं। पहले पत्रकारों के खिलाफ मानहानि के आरोपों का इस्तेमाल किया जाता था। उस पारंपरिक न्यायिक रणनीति को बदलकर अब आर्थिक आरोप लगाने का प्रचलन बढ़ा है। अदालतों में धीमी कानूनी प्रक्रिया के कारण यह परेशानी ज्यादा बढ़ जाती है। पत्रकारों के उत्पीड़न का एक तरीका उनकी यात्रा पर प्रतिबंध लगाना है।

Invetigative Agenda for Climate Change Journalism

जलवायु समाचार और विश्लेषण

जलवायु परिवर्तन पत्रकारिता के लिए खोजी एजेंडा

दुनिया भर में हजारों पत्रकार जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभाव पर रिपोर्टिंग कर रहे हैं। ऐसी पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए कई नेटवर्क स्थापित किए गए हैं। ऐसी पत्रकारिता जनसामान्य को सूचित करने और जोड़ने के लिए महत्वपूर्ण है। यह सत्ता में बैठे उन लोगों को चुनौती देने के लिए भी जरूरी है, जो पर्यावरण संरक्षण की बात करते हैं, लेकिन वास्तव में पृथ्वी को जला रहे हैं। ऐसी सत्ता की जवाबदेही सुनिश्चित करना ही खोजी पत्रकारिता का मौलिक कार्य है।

टिपशीट

पत्रकार अपने स्मार्टफ़ोन से एक बेहतर फोटो कैसे ले सकते हैं

जेपीईजी फ़ाइलें अधिक पूर्ण चित्र बनाने के लिए फ़ोन की कम्प्यूटेशनल शक्ति का उपयोग करती हैं। प्रोरॉ फ़ाइलें तब तक उतनी बेहतर नहीं होंगी, जब तक कि आप उन पर काम न कर लें। वे सफेद के संतुलन और हाइलाइट्स पर बेहतर नियंत्रण प्रदान करती हैं। इनमें छाया और त्वचा टोन का अधिक गतिशील रेंज मिलता है।

Using Social Network Analysis for Investigations YouTube Image GIJC23

रिपोर्टिंग टूल्स और टिप्स

खोजी पत्रकारिता के लिए उपयोगी है ‘सोशल नेटवर्क एनालिसिस’

सोशल नेटवर्क एनालिसिस। यह कनेक्शन, पैटर्न और अनकही कहानियों की एक आकर्षक दुनिया है। पत्रकारों के टूलकिट में यह एक नई शक्तिशाली सुविधा जुड़ी है। यह हमारी दुनिया को आकार देने वाले रिश्तों के छिपे हुए जाल को उजागर करने में सक्षम बनाती है। यह केवल बिंदुओं को जोड़ने तक सीमित नहीं है। इससे सतह के नीचे मौजूद जटिल कहानियां भी उजागर हो सकती हैं।

GIJC23 Welcome 2

साल 2025 और 2027 के विश्व खोजी पत्रकारिता सम्मेलन GIJC के लिए प्रस्ताव आमंत्रित

यदि आपका संगठन अगले दो जीआईजेसी में से किसी एक की मेजबानी करना चाहता है, तो अपना प्रस्ताव प्रस्तुत कर सकते हैं। प्रस्ताव प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 5 फरवरी, 2024 है। 2025 और 2027 के सम्मेलन मेजबानों पर निर्णय जीआईजेएन द्वारा अपने निदेशक मंडल के साथ परामर्श के आधार पर किया जाएगा। प्रस्तावों को सार्वजनिक रूप से GIJN.org वेबसाइट पर पोस्ट कर दिया जाएगा।

फर्जी ट्वीट स्क्रीनशॉट की जांच कैसे करें?

कोई स्क्रीनशॉट असली है या नहीं, यह जांचने का एक आसान तरीका है। उस ट्वीटर एकांउट में यह देखना कि उस टाइमलाइन पर वह ट्वीट दिख रहा है या नहीं। स्क्रीनशॉट में तारीख हो तो उसके आधार पर देख सकते हैं। यदि तारीख पुरानी हो और वहां तक पहुंचने के लिए काफी स्क्रॉल करना पड़े, तो ट्विटर के एडवांस सर्च का उपयोग करें। देखें कि उस ट्वीटर खाते से वह ट्वीट किया गया है, या नहीं।

अवार्ड समाचार और विश्लेषण

साल 2023 की भारत की कुछ सर्वश्रेष्ठ खोजी खबरें: जीआईजेएन एडिटर्स पिक

भारत के सीमावर्ती राज्यों सिक्किम, लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश में चीनी घुसपैठ को भारत सरकार द्वारा बार-बार नकारा गया है। स्थानीय रिपोर्टों और विपक्ष के दावों के बावजूद, देश का मीडिया भी सीमा पार चीनी सैन्य गांवों के निर्माण की वास्तविकता को रिपोर्ट करने से कतरा रहा है। हालाँकि, भारत के प्रमुख मीडिया हाउस इंडिया टुडे की खोजी रिपोर्टिंग ने भारत सरकार के झूठे दावों को उजागर कर दिया।

facial recognition techniques panel GIJC23

चेहरे की पहचान और अन्य तरीक़ों के जरिए खोजी पत्रकारिता

PimEyes में उस व्यक्ति की तस्वीर की रिवर्स इमेज सर्च की गई। इसमें कई परिणाम और लिंक मिले। एक व्यक्ति का नाम भी मिला। संभवतः उसी व्यक्ति की एक अन्य तस्वीर भी मिली। इसके बाद अमेजॅन की Rekognition सर्विस का उपयोग किया गया। इसके जरिए उन दो तस्वीरों के चेहरों की तुलना करके यह पता लगाया गया कि दोनों फोटो वास्तव में एक ही व्यक्ति की है, अथवा नहीं। इसके नतीजे ने 98 प्रतिशत मिलान की पुष्टि की।

रिपोर्टिंग टूल्स और टिप्स

एआई (AI) और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी खोजी पत्रकारिता के लिए कैसे उपयोगी है

स्वीडन में तेरहवीं ग्लोबल इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म कांफ्रेंस के एक पैनल में एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) को समझने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए काम करने पर चर्चा हुई। इस पर तीन विशेषज्ञ पत्रकारों ने सुझाव दिए।

जीआईजेएन के स्वीडन में आयोजित सम्मेलन GIJC23 की झलकियां

इन चार वर्षों के दौरान प्रेस की स्वतंत्रता पर खतरों की संख्या और तीव्रता में भी वृद्धि हुई है। इन खतरों ने अब काफी घातक रूप धारण कर लिया है। लेकिन इसकी प्रतिक्रिया भी हुई है। खोजी पत्रकारिता अब पहले से ज्यादा मजबूत और समृद्ध हो चुकी है।

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रिपोर्टिंग टूल्स और टिप्स

लोकतंत्र पर पांच खतरे और उन्हें उजागर करने के लिए तरीके

फर्जी खबरों की तुलना में सत्य को विकृत करना अधिक प्रभावी है। यह एक जैसी आवाज की प्रतिध्वनि वाले इकोसिस्टम या इको चैंबर बनाने जैसी स्थिति है। इसमें एक ही बात को दोहराने और आगे बढ़ाने के लिए संयोजन या समन्वय में काम करने वाली कई पार्टियां हैं। ये समूह इसे टीवी, इंटरनेट और रेडियो पर प्रसारित करते हैं। लोग एक ही चीज को बार-बार सुनते हैं, तो वह कथा वास्तविक का आधार बन जाती है। इसके कारण साक्ष्य-आधारित रिपोर्टिंग को अब जरूरी नहीं समझा जाता। यह एक बड़ा खतरा है।

अवार्ड

ग्लोबल शाइनिंग लाइट पुरस्कार नाइजीरिया, वेनेज़ुएला, उत्तर मैसेडोनिया और दक्षिण अफ़्रीका के समाचार संस्थानों को 

यह पुरस्कार विकासशील या परिवर्तनशील देशों में खतरनाक परिस्थितियों में की जाने वाली खोजी पत्रकारिता का सम्मान करते है। इस बार प्रविष्टियाँ इतनी अधिक थीं कि पुरस्कार निर्णायकमंडल ने दो अतिरिक्त परियोजनाओं को उत्कृष्टता के प्रमाण पत्र देने का फैसला किया

साइबर जासूसी की महामारी का सामना कर रहे हैं दुनिया के पत्रकार

“पहले किसी जासूसी सॉफ्टवेर को आपके फ़ोन पर सक्रिय करने के लिए आपको किसी लिंक पर क्लिक करना होता था लेकिन अब पेगासस स्पाइवेयर के नवीनतम संस्करण में अब इसकी आवश्यकता नहीं होती है,” उन्होंने बताया। “एक पल आपका फ़ोन सुरक्षित है, अगले ही पल कोई सरकार का आदमी आपकी बातचीत सुन रहा है, और आपको अंदाज़ा भी नहीं है”।

क्रियाविधि

कम समय में किसी की पृष्ठभूमि का पता कैसे लगाएं?

अदालत के स्टाफ से बात करें। विशेषकर छोटे शहरों में। ब्रेंडन मैक्कार्थी ने कहा- “अदालत के स्टाफ से जानकारी प्राप्त करना काफी उपयोगी है। वे पहले कहेंगे कि ऐसी जानकारी देने के लिए वे स्वतंत्र नहीं हैं। लेकिन फिर कुछ महत्वपूर्ण जानकारी दे सकते हैं। विशेष रूप से छोटे शहरों में ऐसे स्टाफ को पत्रकारों से निपटने की कम आदत होती है। वे जानना चाहते हैं कि क्या हो रहा है। आप उनसे पूछें कि मुझे अन्य किससे बात करनी चाहिए?“

टिपशीट जलवायु रिपोर्टिंग टूल्स और टिप्स

जलवायु परिवर्तन पर अपनी सरकार को जवाबदेह कैसे बनाएं

प्रत्येक देश की स्वैच्छिक प्रतिज्ञाओं का वर्णन करने वाले मूल दस्तावेज़ को ‘नेशनली डिटरमाइंड कॉन्ट्रिब्यूशन’ (एनडीसी) कहा जाता है। जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौते में 194 देशों ने हस्ताक्षर किए हैं। इनमें से प्रत्येक देश ने कम-से-कम एक एनडीसी प्रस्तुत किया है। इन्हें UNFCCC में सूचीबद्ध किया गया है ।

संपर्क और नेटवर्किंग

2023 ग्लोबल इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म नेटवर्क के वैश्विक सम्मेलन की रूपरेखा

यदि आपने अभी तक गोथनबर्ग, स्वीडन GIJC23 में आने का मन नहीं बनाया है, तो अभी भी आप गोथेनबर्ग में हमारे साथ शामिल हो सकते हैं। गोथनबर्ग शहर में सम्मेलन स्थल के आस-पास के होटल भरने शुरू हो गए हैं। इसलिए पंजीकरण के लिए ज़्यादा इंतजार न करें।

समाचार और विश्लेषण

ग्लोबल इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म नेटवर्क (GIJN) की बीसवीं वर्षगांठ

ऐतिहासिक गोथेनबर्ग, स्वीडन में इस वर्ष के वैश्विक खोजी पत्रकारिता सम्मेलन, (GIJC23) सितंबर 19-22 का आयोजन हो रहा है। इसमें आप हिस्सा लेकर हमसे जुड़ सकते हैं। GIJC23 खोजी पत्रकारों का अब तक का सबसे बड़ा जमावड़ा होने जा रहा है।

क्रियाविधि रिपोर्टिंग टूल्स और टिप्स

शैक्षणिक शोध का उपयोग कैसे करें खोजी पत्रकार?

सरकारी एजेंसियां और अन्य संगठन अक्सर अपने निर्णयों को निर्देशित करने में सहायता के लिए किसी अकादमिक शोध पर भरोसा करते हैं। लेकिन संभव है कि उस शोध के निष्कर्षों को गलत समझा गया हो अथवा गलत तरीके से लागू किया गया हो। इसलिए पत्रकारों को यह समझना जरूरी है कि उस एजेंसी ने जिस शोध को आधार बनाया है, उसके निष्कर्ष के अनुरूप ही उस एजेंसी की भी समझ है अथवा नहीं।

रिपोर्टिंग टूल्स और टिप्स

खोजी पत्रकारों के पसंदीदा ऑनलाइन रिपोर्टिंग उपकरण

“किसी के संपर्क नंबर, ईमेल इत्यादि का पता लगाने के लिए मैं Hiretual का उपयोग करता हूं। इसे ‘हायरईजेड’ भी कहा जाता है। इसमें एक सीमित मुफ्त सेवा शामिल है। यह एक ऐड-ऑन है जिसे आप क्रोम में उपयोग कर सकते हैं।”

केस स्टडी क्रियाविधि

खबर के लिए झूठ का सहारा लेना कितना उचित?

छद्म रिपोर्टिंग अथवा अंडरकवर तकनीकों का उपयोग करके पत्रकारिता करने संबंधी नैतिक पहलुओं का आकलन करने के लिए हमने यह छह सूत्रीय चेकलिस्ट बनाई है। इसमें छद्मवेश बनाना और किसी रूप में फंसाना भी शामिल है।

जीआईजेएन ने पत्रकार सुरक्षा टूल JSAT हिन्दी भाषा में लॉंच किया, इसकी ट्रेनिंग 26 जनवरी को

सत्र गुरुवार, 26 जनवरी को शाम 6.30pm (IST) होगा। प्रशिक्षक मैट हैनसेन (फ्रीलांस लेखक और संपादक), रूना सैंडविक (स्वतंत्र सुरक्षा शोधकर्ता), पूनम अग्रवाल (स्वतंत्र पत्रकार, भारत), उमेर चीमा (द न्यूज, पाकिस्तान) होंगे। प्रतिभागियों (केवल पत्रकारों!) को इस लिंक का उपयोग करके अग्रिम रूप से पंजीकरण करना होगा। सत्र में आप अपनी सुरक्षा से जुड़े प्रश्न करने के लिए स्वतंत्र हैं।  

डेविड कपलान ग्लोबल कांफ्रेंस के बाद जीआईजेएन के कार्यकारी निदेशक पद से विदा लेंगे

जीआईजेएन के निदेशक मंडल के अध्यक्ष ब्रैंट ह्यूस्टन ने कहा, “डेव ने जीआईजेएन को दुनिया भर में खोजी पत्रकारों के प्रशिक्षण और नेटवर्किंग के लिए प्रमुख संगठन के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।” “उनके अथक प्रयासों के माध्यम से, हमने 90 देशों में 244 मीडिया से संबंधित गैर-लाभकारी संस्थाओं का एक संघ बनाया है जो न केवल विचारों, संसाधनों, कहानियों को साझा करते हैं बल्कि प्रणालीगत भ्रष्टाचार को उजागर करने तथा  दुनिया को और बेहतर बनाने का जुनून रखते हैं।”

ग्लोबल कांफ्रेंस के सत्रों के लिए अपने आइडिया भेजें

19-22 सितंबर तक आयोजित इस सम्मेलन में जलवायु परिवर्तन, लोकतंत्र के लिए खतरे, डेटा पत्रकारिता, अपराध और भ्रष्टाचार, शिक्षण और प्रशिक्षण, और स्थिरता रणनीतियों सहित कई विषयों पर 150 से अधिक विशेषज्ञ-नेतृत्व वाले सत्र, पैनल और कार्यशालाएं शामिल होंगी। 

ग्लोबल इनवेस्टिगेटिव जर्नलिज़्म कांफ्रेंस 2023 के रजिस्ट्रेशन आरंभ हो चुके हैं

इस वर्ष का सम्मेलन, जीआईजेएन दो स्वीडिश भागीदारों के साथ मिलकर कर रहा है। लिनिअस विश्वविद्यालय में फोजो मीडिया इंस्टीट्यूट और स्वीडन के खोजी पत्रकारों का राष्ट्रीय संघ फ़ोरिनिंगन ग्रेवंडे जर्नलिस्टर इस बार सम्मेलन के मेज़बान हैं।

GIJC23 ग्लोबल शाइनिंग लाइट अवार्ड के लिए प्रविष्टियाँ खुल चुकी हैं

शीर्ष विजेताओं को एक मानद पट्टिका, US$2,500, और पुरस्कार प्राप्त करने के लिए गोथेनबर्ग, स्वीडन तक आने जाने का प्रबंध/खर्चा  किया जाएगा।

रिपोर्टिंग टूल्स और टिप्स

पत्रकारों का काम प्रभावी और आसान बनाने वाले पांच ऑनलाइन सर्च उपकरण

मुझे लगता है कि रियली सिंपल सिंडिकेशन (आरएसएस) तकनीक के महत्व को इंटरनेट पर सबसे कम समझा गया है। मैं प्रतिदिन आरएसएस फीड्स का उपयोग करती हूँ और मैं उनके बिना ‘रिसर्च-बज‘ का प्रोडक्शन नहीं कर सकती। बिंग, गूगल न्यूज, रेडिफ और वर्डप्रेस सहित लगभग एक दर्जन संसाधनों के लिए केबरफेग के जरिए कीवर्ड-आधारित आरएसएस फीड उत्पन्न किया जा सकता है।