इमेज: मैसूर में एक मतदाता सहायता केंद्र पर जानकारी लेते हुए भारतीय नागरिक, अप्रैल 2024, इमेज - शटरस्टॉक

भारतीय चुनावों में फ़ैक्ट चेकिंग के सबक

लोकतंत्र के मूल्यों को बनाए रखने के लिए तथ्यों के आधार पर मतदाताओं को निर्णय लेने का अवसर मिलना आवश्यक है। इसके लिए ‘शक्ति‘ – इंडिया इलेक्शन फैक्ट चेकिंग कलेक्टिव का निर्माण किया गया। इस प्रोजेक्ट में गूगल न्यूज इनीशिएटिव की मदद मिली। इस पहल का नेतृत्व डेटालीड्स ने किया। इसके साझेदारों में मिस-इनफॉर्मेशन कॉम्बैट एलायंस (एमसीए), बूम, द क्विंट, विश्वास न्यूज, फैक्टली, न्यूजचेकर तथा अन्य प्रमुख फैक्ट चेकिंग (तथ्य-जांच) संगठन शामिल थे। इंडिया टुडे और प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (पीटीआई) जैसे मीडिया संस्थानों ने भी इसमें भागीदारी निभाई।

टिपशीट

अपना ख़ुद का न्यूज़ स्टार्टअप स्थापित करने के लिए दस टिप्स

मीडिया संगठनों में प्रबंधन संबंधी कार्यों के लिए किसी प्रोफेशनल प्रशासक के बजाय खबरों का जुनून रखने वाले पत्रकारों को रखा जाता है। जबकि एक पेशेवर प्रशासक (एडमिनिस्ट्रेटर) नियुक्त करना पहला कदम होना चाहिए।

Recorder panel at IJF24

रिकॉर्डर : रोमानिया में स्वतंत्र मीडिया का अनोखा राजस्व मॉडल

रिकॉर्डर को वर्ष 2017 में एक विज्ञापन राजस्व मॉडल की योजना के साथ लॉन्च किया गया था। अब इसकी 90 प्रतिशत आय दर्शकों से आती है। यह रोमानिया का एक स्वतंत्र खोजी मीडिया संगठन है। वीडियो और वृत्तचित्रों में इसकी विशेषज्ञता है।

समाचार और विश्लेषण

जब सरकारें प्रेस के खिलाफ हों तब पत्रकार क्या करें: एक संपादक के सुझाव

जिन देशों में प्रेस की आज़ादी पर खतरा बढ़ रहा है, वहां के पत्रकारों के साथ काम करने में भी मदद मिल सकती है। पत्रकारों को स्थानीय या अंतर्राष्ट्रीय मीडिया संगठनों के साथ गठबंधन बनाकर काम करने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा- “आप जिन भौगोलिक सीमाओं तथा अन्य चुनौतियों का सामना कर रहे हों, उन्हें दरकिनार करने का प्रयास करें।“

Nalbari,,Assam,,India.,18,April,,2019.,An,Indian,Voter,Casts

डेटा पत्रकारिता समाचार और विश्लेषण

भारत में खोजी पत्रकारिता : चुनावी वर्ष में छोटे स्वतंत्र मीडिया संगठनों का बड़ा प्रभाव

भारत में खोजी पत्रकारिता लगभग असंभव होती जा रही है। सरकारी और गैर-सरकारी दोनों प्रकार की ताकतें प्रेस की स्वतंत्रता के प्रति असहिष्णु हो रही हैं। उल्लेखनीय है कि विश्व के 180 देशों के प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक में भारत वर्ष 2022 में 150वें स्थान पर था। लेकिन वर्ष 2023 में इससे भी नीचे गिरकर 161वें स्थान पर आ गया।

गाइड संसाधन

चुनाव कवरेज में इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग पर जीआईजेएन की गाइड

यह गाइड ग्लोबल इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म नेटवर्क के स्टाफ रिपोर्टर रोवन फिलिप द्वारा लिखी गई है। इसका संपादन  निकोलिया अपोस्टोलो, रीड रिचर्डसन और लौरा डिक्सन द्वारा किया गया है। चित्रण मार्सेले लोउ का है। [abcf-grid-gallery-custom-links id=”508933″]

गाइड संसाधन

जीआईजेएन गाइड: महिला पत्रकारों के लिए संसाधनों का संकलन

(मार्च 2022 में जीआईजेएन ने महिला पत्रकारों के लिए यह मार्गदर्शिका प्रकाशित की। अब हम वर्तमान पेज को अपडेट करना बंद कर देंगे।) महिला पत्रकारों को अपना काम करते समय कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। जीआईजेएन ने दुनिया भर में हमारी महिला सहयोगियों की मदद के लिए उपयोगी संसाधन का यह संकलन तैयार किया […]

गाइड संसाधन

सैटेलाइट चित्रों को कहां ढूँढे और कैसे उपयोग करें

खोजी पत्रकारिता में सैटेलाइट चित्रों का खूब उपयोग किया जा सकता है। यह खोजी पत्रकारों के लिए काफी उपयोगी है। सैटेलाइट इमेज के जरिए आप कई प्रकार की नई जानकारियों की खोज कर सकते हैं। उन नई जानकारियों के विश्लेषण में भी सैटेलाइट इमेज काफी उपयोगी हैं। इनसे हमें काफी स्पष्ट और व्यापक चित्र मिलते […]

जीआईजेएन हब

जीआईजेएन का वैश्विक नेटवर्क

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अवार्ड समाचार और विश्लेषण

साल 2023 की भारत की कुछ सर्वश्रेष्ठ खोजी खबरें: जीआईजेएन एडिटर्स पिक

भारत के सीमावर्ती राज्यों सिक्किम, लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश में चीनी घुसपैठ को भारत सरकार द्वारा बार-बार नकारा गया है। स्थानीय रिपोर्टों और विपक्ष के दावों के बावजूद, देश का मीडिया भी सीमा पार चीनी सैन्य गांवों के निर्माण की वास्तविकता को रिपोर्ट करने से कतरा रहा है। हालाँकि, भारत के प्रमुख मीडिया हाउस इंडिया टुडे की खोजी रिपोर्टिंग ने भारत सरकार के झूठे दावों को उजागर कर दिया।

अवार्ड

ग्लोबल शाइनिंग लाइट पुरस्कार नाइजीरिया, वेनेज़ुएला, उत्तर मैसेडोनिया और दक्षिण अफ़्रीका के समाचार संस्थानों को 

यह पुरस्कार विकासशील या परिवर्तनशील देशों में खतरनाक परिस्थितियों में की जाने वाली खोजी पत्रकारिता का सम्मान करते है। इस बार प्रविष्टियाँ इतनी अधिक थीं कि पुरस्कार निर्णायकमंडल ने दो अतिरिक्त परियोजनाओं को उत्कृष्टता के प्रमाण पत्र देने का फैसला किया

Invetigative Agenda for Climate Change Journalism

जलवायु समाचार और विश्लेषण

जलवायु परिवर्तन पत्रकारिता के लिए खोजी एजेंडा

दुनिया भर में हजारों पत्रकार जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभाव पर रिपोर्टिंग कर रहे हैं। ऐसी पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए कई नेटवर्क स्थापित किए गए हैं। ऐसी पत्रकारिता जनसामान्य को सूचित करने और जोड़ने के लिए महत्वपूर्ण है। यह सत्ता में बैठे उन लोगों को चुनौती देने के लिए भी जरूरी है, जो पर्यावरण संरक्षण की बात करते हैं, लेकिन वास्तव में पृथ्वी को जला रहे हैं। ऐसी सत्ता की जवाबदेही सुनिश्चित करना ही खोजी पत्रकारिता का मौलिक कार्य है।

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डेटा पत्रकारिता समाचार और विश्लेषण

भारत में खोजी पत्रकारिता : चुनावी वर्ष में छोटे स्वतंत्र मीडिया संगठनों का बड़ा प्रभाव

भारत में खोजी पत्रकारिता लगभग असंभव होती जा रही है। सरकारी और गैर-सरकारी दोनों प्रकार की ताकतें प्रेस की स्वतंत्रता के प्रति असहिष्णु हो रही हैं। उल्लेखनीय है कि विश्व के 180 देशों के प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक में भारत वर्ष 2022 में 150वें स्थान पर था। लेकिन वर्ष 2023 में इससे भी नीचे गिरकर 161वें स्थान पर आ गया।

डेटा पत्रकारिता

डेटा जर्नलिज़्म: पत्रकारों के लिए ‘मानक विचलन’ से सबंधित 4 जरूरी बातें

डेटा के मानकीकरण की प्रक्रिया में प्रत्येक संख्यात्मक डेटा बिंदु को डेटासेट के ‘मानक विचलन’ से विभाजित किया जाता है। ऐसा करने से माप की इकाइयों में परिवर्तन होता है। सामान्य इकाइयों जैसे औंस, इंच, पाउंड या किलोग्राम का उपयोग करके निष्कर्ष बताने के बजाय इन्हें ‘मानक विचलन’ के रूप में रिपोर्ट करना चाहिए।

डेटा पत्रकारिता रिपोर्टिंग टूल्स और टिप्स

पत्रकारों को ‘सांख्यिकीय महत्व’ पर ये 5 बातें अवश्य जानना चाहिए

अकादमिक पत्रिकाएं अक्सर ‘सांख्यिकीय महत्व’ वाले परिणामों के साथ अनुसंधान को प्राथमिकता देती हैं। इसलिए शोधकर्ता अक्सर उस दिशा में अपने प्रयास केंद्रित करते हैं। कई अध्ययनों से पता चलता है कि सांख्यिकीय रूप से महत्वपूर्ण निष्कर्षों वाले रिसर्च पेपर्स के प्रकाशित करने की अधिक संभावना रहती है।

क्रियाविधि डेटा पत्रकारिता समाचार और विश्लेषण

सरकारी डेटा न मिले, तो घृणा आधारित अपराधों की रिपोर्टिंग कैसे करें?

क्राउड-सोर्सिंग पर आधारित ऐसी परियोजनाओं में कई तरह की चुनौतियां भी होती हैं। सूचनाओं एवं डेटा की गुणवत्ता सुनिश्चित करना एक बड़ा काम है। प्रविष्टियों का दोहराव, रोकना तथा हर रिपोर्ट का सत्यापन करना भी आसान नहीं है। परिणामों की व्याख्या में भी किसी पूर्वाग्रह से बचना एक बड़ी चुनौती है। ऐसे जोखिम के प्रति सचेत रहते हुए यह कोशिश करने लायक है।

प्रेस स्वंतत्रता समाचार और विश्लेषण

मीडिया को डराने के लिए बढ़ते डिजिटल हमले

हाल के वर्षों में ऐसे डिजिटल हमलों को संख्या, आवृत्ति और गंभीरता बढ़ी है। ऐसे हमलों के नए-नए तरीके भी सामने आ रहे हैं। कुछ साइबर हमले काफी घातक होजे हैं और किसी कवरेज को रोकने में भी प्रभावी होते हैं। ऐसे हमलावरों को एक अतिरिक्त लाभ मिलता है, क्योंकि ऐसे अपराधी वीपीएन के पीछे छिपे होते हैं उनकी पहचान को सामने लाना मुश्किल होता हे।

प्रेस स्वंतत्रता समाचार और विश्लेषण

विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस 2022: पत्रकारों पर बढ़ते डिजिटल और शारीरिक हमले

“सरकारों ने अभिव्यक्ति पर नियंत्रण के लिए इसे अन्य कानूनों से जोड़ दिया है। अब मीडिया के खिलाफ ‘आतंकवाद विरोधी कानून‘ का दुरूपयोग हो रहा है। विद्रोही समूहों को कवर करने वाले पत्रकारों पर मुकदमा होता है। यदि आप किसी विद्रोही का साक्षात्कार करते हैं, तो आतंकवादी समूह को बढ़ावा देने का आरोप लग जाएगा।“

प्रेस स्वंतत्रता

जीआईजेसी 21: खोजी पत्रकारों से आह्वान – सहयोगी खोजें और खबरें निकालें

खोजी पत्रकारिता पर दुनिया का यह प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन एक से पांच नवंबर 2021 तक ऑनलाइन सम्पन्न हुआ। इसमें 148 देशों के 1800 संपादक, पत्रकार और सिविल सोसाइटी प्रतिनिधि शामिल हुए। एक नवंबर 2021 को पूर्ण-सत्र (प्लेनरी सेशन) में 100 देशों के 500 से अधिक पत्रकार शामिल हुए। इस सत्र में पांच दिग्गज संपादकों ने दुनिया भर में लोकतांत्रिक आदर्शों की रक्षा और स्वतंत्र प्रेस का अस्तित्व बचाने की लड़ाई की चुनौतियों पर प्रकाश डाला।

मानव तस्करी रिपोर्टिंग टूल्स और टिप्स

मानव तस्करी की रिपोर्टिंग के दौरान कैसे रहें सुरक्षित

अपने देश में मानव तस्करी पर रिपोर्टिंग में एक अतिरिक्त जोखिम मौजूद है। आपकी खबर प्रकाशित होने के बाद एक विदेशी पत्रकार की तरह आपके पास देश छोडकर जा़ने का विकल्प नहीं है। इसलिए एनी केली ने सुझाव दिया कि आपके ऊपर ऐसे लोग हों, जो आपका समर्थन करें। आपकी खबरों को उच्चस्तरीय समर्थन मिलना महत्वपूर्ण है। ऐसी मदद पाने के लिए किसी बड़े या अंतर्राष्ट्रीय संगठन के साथ साझेदारी करना लाभदायक होगा।

Using Social Network Analysis for Investigations YouTube Image GIJC23

रिपोर्टिंग टूल्स और टिप्स

खोजी पत्रकारिता के लिए उपयोगी है ‘सोशल नेटवर्क एनालिसिस’

सोशल नेटवर्क एनालिसिस। यह कनेक्शन, पैटर्न और अनकही कहानियों की एक आकर्षक दुनिया है। पत्रकारों के टूलकिट में यह एक नई शक्तिशाली सुविधा जुड़ी है। यह हमारी दुनिया को आकार देने वाले रिश्तों के छिपे हुए जाल को उजागर करने में सक्षम बनाती है। यह केवल बिंदुओं को जोड़ने तक सीमित नहीं है। इससे सतह के नीचे मौजूद जटिल कहानियां भी उजागर हो सकती हैं।

रिपोर्टिंग टूल्स और टिप्स

एआई (AI) और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी खोजी पत्रकारिता के लिए कैसे उपयोगी है

स्वीडन में तेरहवीं ग्लोबल इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म कांफ्रेंस के एक पैनल में एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) को समझने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए काम करने पर चर्चा हुई। इस पर तीन विशेषज्ञ पत्रकारों ने सुझाव दिए।

threats democracy journalism tips expose disinformation

रिपोर्टिंग टूल्स और टिप्स

लोकतंत्र पर पांच खतरे और उन्हें उजागर करने के लिए तरीके

फर्जी खबरों की तुलना में सत्य को विकृत करना अधिक प्रभावी है। यह एक जैसी आवाज की प्रतिध्वनि वाले इकोसिस्टम या इको चैंबर बनाने जैसी स्थिति है। इसमें एक ही बात को दोहराने और आगे बढ़ाने के लिए संयोजन या समन्वय में काम करने वाली कई पार्टियां हैं। ये समूह इसे टीवी, इंटरनेट और रेडियो पर प्रसारित करते हैं। लोग एक ही चीज को बार-बार सुनते हैं, तो वह कथा वास्तविक का आधार बन जाती है। इसके कारण साक्ष्य-आधारित रिपोर्टिंग को अब जरूरी नहीं समझा जाता। यह एक बड़ा खतरा है।

क्रियाविधि रिपोर्टिंग टूल्स और टिप्स

शैक्षणिक शोध का उपयोग कैसे करें खोजी पत्रकार?

सरकारी एजेंसियां और अन्य संगठन अक्सर अपने निर्णयों को निर्देशित करने में सहायता के लिए किसी अकादमिक शोध पर भरोसा करते हैं। लेकिन संभव है कि उस शोध के निष्कर्षों को गलत समझा गया हो अथवा गलत तरीके से लागू किया गया हो। इसलिए पत्रकारों को यह समझना जरूरी है कि उस एजेंसी ने जिस शोध को आधार बनाया है, उसके निष्कर्ष के अनुरूप ही उस एजेंसी की भी समझ है अथवा नहीं।

संपर्क और नेटवर्किंग

2023 ग्लोबल इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म नेटवर्क के वैश्विक सम्मेलन की रूपरेखा

यदि आपने अभी तक गोथनबर्ग, स्वीडन GIJC23 में आने का मन नहीं बनाया है, तो अभी भी आप गोथेनबर्ग में हमारे साथ शामिल हो सकते हैं। गोथनबर्ग शहर में सम्मेलन स्थल के आस-पास के होटल भरने शुरू हो गए हैं। इसलिए पंजीकरण के लिए ज़्यादा इंतजार न करें।

समाचार और विश्लेषण

जब सरकारें प्रेस के खिलाफ हों तब पत्रकार क्या करें: एक संपादक के सुझाव

जिन देशों में प्रेस की आज़ादी पर खतरा बढ़ रहा है, वहां के पत्रकारों के साथ काम करने में भी मदद मिल सकती है। पत्रकारों को स्थानीय या अंतर्राष्ट्रीय मीडिया संगठनों के साथ गठबंधन बनाकर काम करने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा- “आप जिन भौगोलिक सीमाओं तथा अन्य चुनौतियों का सामना कर रहे हों, उन्हें दरकिनार करने का प्रयास करें।“

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डेटा पत्रकारिता समाचार और विश्लेषण

भारत में खोजी पत्रकारिता : चुनावी वर्ष में छोटे स्वतंत्र मीडिया संगठनों का बड़ा प्रभाव

भारत में खोजी पत्रकारिता लगभग असंभव होती जा रही है। सरकारी और गैर-सरकारी दोनों प्रकार की ताकतें प्रेस की स्वतंत्रता के प्रति असहिष्णु हो रही हैं। उल्लेखनीय है कि विश्व के 180 देशों के प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक में भारत वर्ष 2022 में 150वें स्थान पर था। लेकिन वर्ष 2023 में इससे भी नीचे गिरकर 161वें स्थान पर आ गया।

Invetigative Agenda for Climate Change Journalism

जलवायु समाचार और विश्लेषण

जलवायु परिवर्तन पत्रकारिता के लिए खोजी एजेंडा

दुनिया भर में हजारों पत्रकार जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभाव पर रिपोर्टिंग कर रहे हैं। ऐसी पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए कई नेटवर्क स्थापित किए गए हैं। ऐसी पत्रकारिता जनसामान्य को सूचित करने और जोड़ने के लिए महत्वपूर्ण है। यह सत्ता में बैठे उन लोगों को चुनौती देने के लिए भी जरूरी है, जो पर्यावरण संरक्षण की बात करते हैं, लेकिन वास्तव में पृथ्वी को जला रहे हैं। ऐसी सत्ता की जवाबदेही सुनिश्चित करना ही खोजी पत्रकारिता का मौलिक कार्य है।

अवार्ड समाचार और विश्लेषण

साल 2023 की भारत की कुछ सर्वश्रेष्ठ खोजी खबरें: जीआईजेएन एडिटर्स पिक

भारत के सीमावर्ती राज्यों सिक्किम, लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश में चीनी घुसपैठ को भारत सरकार द्वारा बार-बार नकारा गया है। स्थानीय रिपोर्टों और विपक्ष के दावों के बावजूद, देश का मीडिया भी सीमा पार चीनी सैन्य गांवों के निर्माण की वास्तविकता को रिपोर्ट करने से कतरा रहा है। हालाँकि, भारत के प्रमुख मीडिया हाउस इंडिया टुडे की खोजी रिपोर्टिंग ने भारत सरकार के झूठे दावों को उजागर कर दिया।

रिपोर्टिंग टूल्स और टिप्स सुरक्षा और बचाव

कहीं आपके स्मार्टफोन से आपके सोर्स तो ख़तरे में नहीं पड़ रहे?

एक बार जब आप अपने गूगल खाते से अपने एंड्रॉयड फोन में साइन-इन करते हैं, तो आपके फोन में मौजूद संपर्क गूगल के सर्वर पर कॉपी हो जाते हैं। इसके कारण आप जिस किसी भी डिवाइस में गूगल खाते से साइन-इन करेंगे, तो उस उपकरण में वह संपर्क सूची आपको मिल जाएगी। जिस तरह आपके ‘आई-फोन‘ के कॉन्टैक्ट्स ऐप में कॉन्टैक्ट जोड़ने का तरीका आपके ‘मैक‘ पर कॉन्टैक्ट्स ऐप के साथ सिंक होता है, वैसे ही अपने गूगल अकाउंट में साइन-इन रहते हुए अपने एंड्रॉइड फोन में कॉन्टैक्ट को जोड़ने से यह आपके गूगल कॉन्टैक्ट्स में भी जुड़ जाएगा।

समाचार और विश्लेषण सुरक्षा और बचाव

आपके पसंदीदा ट्रांसक्रिप्शन टूल कितने सुरक्षित हैं?

यदि आप संवेदनशील सामग्री के साथ काम कर रहे हैं, तो आपकी रिकॉर्डिंग किसी को जोखिम में डाल सकती हैं। उनके सार्वजनिक होने या अधिकारियों तक पहुंचने पर आपके स्रोत तथा अन्य लोगों को खतरा है। इसलिए, हमारा सुझाव है कि उस डेटा तक किसकी पहुंच हो, इस पर आपको नियंत्रण रखना होगा। यदि आप किसी संपादक के साथ या किसी एसाइनमेंट के तहत काम कर रहे हैं, और आपकी रिकॉर्डिंग विशेष रूप से संवेदनशील है, तो रिकॉर्डिंग की सुरक्षा के कारण हस्तलिखित ट्रांसक्रिप्शन पर जोर दें। इसके लिए अपने संपादक से सहायता मांगें।

समाचार और विश्लेषण सुरक्षा और बचाव

सर्विलांस से निरंकुश निगरानी, 2021 की पांच बेहतरीन खोजी ख़बरें

ऐसी निगरानी के काफी खतरनाक परिणाम सामने आ रहे हैं। ऐसे उपकरणों की सूची लंबी है। सीमा पार करने के दौरान चेहरे की पहचान के उपकरण लगे हैं। रेगिस्तान पार करने वाले लोगों को ड्रोन और ब्लिंप द्वारा ऊपर से देखा जा रहा है। भूमिगत सेंसर के जरिए लोगों के आवागमन का पता लगाया जा रहा है। इन्फ्रा-रेड कैमरा, रडार सेंसर, मोबाइल सर्विलांस टावर इत्यादि का भरपूर उपयोग हो रहा है।