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वित्तीय अपराधों की जांच कैसे करें: पेंडोरा पेपर्स की जांच से खोजी पत्रकार क्या सीख सकते हैं

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फोटो कैप्शन: पेंडोरा पेपर लीक ने वैश्विक अभिजात वर्ग का गोपनीय धन उजागर किया। इससे आर्थिक अपराधों की जांच करने वाले पत्रकार बहुत कुछ सीख सकते हैं। फोटो – Pratikxox /Pexels

टैक्स-चोरी, भ्रष्टाचार और सरकारी धन के गबन जैसे आर्थिक अपराध काफी चिंताजनक हैं। इनके कारण विकासशील अर्थव्यवस्थाओं का विकास बाधित होता है, जबकि उन्हीं देशों को निरंतर विकास की सबसे अधिक आवश्यकता है। अफ्रीकी संघ ने भ्रष्टाचार के कारण हर साल 80 बिलियन डॉलर तक नुकसान  का अनुमान लगाया है। यह राशि और बढ़ने की संभावना है।

ऐसे आर्थिक / वित्तीय अपराधों की जाँच करना काफी कठिन है। इसमें काफी समय लगता है। ऐसी जांच काफी महंगी और कई बार बेहद खतरनाक भी होती है। भ्रष्टाचार की तह में जाने वाले पत्रकारों को अक्सर धमकाया और प्रताड़ित किया जाता है। कई बार तो उनके साथ बड़े हादसे भी होते हैं। बारहवीं ग्लोबल इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म कॉन्फ्रेंस  #GIJC21  में इस विषय पर भी चर्चा हुई। इस दौरान ‘पेंडोरा पेपर लीक‘  से जुड़े तीन पत्रकारों ने ऐसे वित्तीय अपराधों को और अधिक उजागर करने की सलाह दी।

‘पेंडोरा पेपर लीक‘ में 117 देशों के 600 पत्रकारों ने एक साथ काम किया। इसे पत्रकारिता के इतिहास में आपसी सहयोग पर आधारित सबसे बड़ी रिपोर्टिंग माना जाता है। इन पत्रकारों ने 14 ऑफशोर सेवा प्रदाताओं से 11.9 मिलियन दस्तावेज हासिल कर उनकी गहन जांच की। इस जांच से विश्व के प्रमुख राजनेताओं, अरबपतियों और मशहूर हस्तियों के गोपनीय धन को उजागर करने में मदद मिली। इनमें ऐसा गोपनीय निवेश भी था, जो अवैध नहीं था, लेकिन जिसे कानून की नजरों से छिपाया गया था। साथ ही, इसमें भगोड़े लोगों, धूर्त और हत्यारों के वैश्विक नेटवर्क का काला धन भी शामिल था।

पेंडोरा पेपर्स जांच टीम से जुड़े बोस्निया-हर्जेगोविना, केन्या और संयुक्त राज्य अमेरिका के पत्रकारों के सुझाव यहां प्रस्तुत हैं।

  1. अपने तथ्यों को सीधे प्रस्तुत करें: फाइनेंस अनकवर्ड से जुड़ी डेटा जर्नलिस्ट प्यूरीटी मुकामी  ने जीआइजेसी-21 में कहा- ”पेंडोरा पेपर्स से जुड़ी खबरें अक्टूबर 2021 की शुरुआत में सामने आईं। जिन लोगों की गोपनीय संपत्ति उजागर हुई थी, उन्होंने नाराज होकर इसे ‘फर्जी समाचार‘ करार दिया। इन हमलों का सबसे अच्छा बचाव अपने तथ्यों को सीधे प्रस्तुत करना है। यह आपको किसी पूर्वाग्रह के आरोप से बचने में मदद करेगा। आपकी जांच की गुणवत्ता पर ही यह बात निर्भर है कि पाठकों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा। ऐसे मामलों की रिपोर्टिंग में सबसे महत्वपूर्ण उपकरण है – कागजी कार्रवाई करना, यानी ऐसे तमाम वित्तीय दस्तावेजों को हासिल करना, जो आपकी खबर के हर बिंदु की पुष्टि करते हों।”

    फोटो: नाइजीरिया के प्रभावशाली लोगों द्वारा वर्ष 2010 से 2015 के बीच खरीदी गई संपत्ति का चित्रण। Finance Uncovered का स्क्रीनशॉट

  2. बड़ी जांच में आपसी सहयोग जरूरी: प्यूरीटी मुकामी कहती हैं- ”वित्तीय अपराधों के ऐसे बड़े मामलों की जांच के लिए आपसी सहयोग जरूरी है। अपने प्रोजेक्ट पर काम करते समय हमेशा दूसरों से कई तरह की मदद माँगने की जरूरत होगी। हमने केन्या के राष्ट्रपति उहुरू केन्याटा के परिवार के सात सदस्यों की गोपनीय संपत्ति की जांच की। पनामा और ब्रिटिश वर्जिन द्वीप समूह में उनकी ऑफशोर कंपनियों का खुलासा हुआ। लेकिन इस जांच के दौरान हमें यह समझ में नहीं आ रहा था इससे जुड़े महत्वपूर्ण डेटा वाले 20,000 दस्तावेजों का विश्लेषण कैसे किया जाए। इसके लिए हमने अन्य पत्रकारों का सहयोग लेकर सभी दस्तावेजों से सूची बनाई तथा बैच खोजों का संचालन किया। साथ ही हमने टाइमलाइन तथा डायग्राम्स के माध्यम से अपने निष्कर्षों की पुष्टि की। ऐसे बड़े काम में परस्पर सहयोग महत्वपूर्ण है।”
  3. खबर प्रकाशित करने में जल्दबाजी न करें:  ऐसी गंभीर जांच पर आधारित खबरें कोई ‘ब्रेकिंग न्यूज‘ नहीं हैं। पेंडोरा पेपर्स जांच में शामिल पत्रकारों ने दो साल तक फाइलों का गहन अध्ययन किया।  International Consortium of Investigative Journalists (ICIJ)  ने यह दस्तावेज हासिल किए थे। दुनिया भर के 600 पत्रकारों ने इन दस्तावेजों को छांटने, स्रोतों को ट्रैक करने, सार्वजनिक रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों का गंभीर विश्लेषण किया। इन खबरों को प्रकाशित करने में कोई जल्दबाजी नहीं की गई। Organized Crime and Corruption Reporting Project (OCCRP) की क्षेत्रीय संपादक और खोजी पत्रकार मिरांडा पेट्रुसिक कहती हैं: ”यह याद रखना जरूरी है कि ऐसे समाचार लिखने में काफी समय लगता है। इसलिए जितना समय चाहिए, उतना लीजिए। जल्दबाजी में लिखने की कोशिश न करें, एक बार लिखें , फिर एडिट करें, काट छांट करें, फिर लिखें”
  4. दस्तावेज ही प्रमुख हथियार हैं: मिरांडा पेट्रुसिक  कहती हैं- ”वित्तीय अपराधों की जांच में काफी प्रयास और रचनात्मकता की जरूरत है। इसके लिए कई बार आपको खुद एक वित्तीय अपराधी के माइंडसेट की तरह सोचना होगा। विभिन्न तरह की जांच तकनीकें हैं जिनका उपयोग गोपनीयता को भेदकर सच सामने लाने के लिए करना चाहिए। लेकिन अपराधी के रूप में सोचने जैसा रचनात्मक होना सबसे कारगर है। अपराधियों को पछाड़ने के लिए दस्तावेज ही सबसे महत्वपूर्ण हथियार हैं। भले ही सरकारी अधिकारियों द्वारा उन्हें छिपाने की कोशिश हो। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अथवा ऑफशोर कंपनियों के माध्यम से होने वाले अपराधों से जुड़े कुछ वित्तीय दस्तावेज अन्य देशों में मिल सकते हैं। आईसीआईजे जैसे संगठनों के पास लाखों वित्तीय दस्तावेज हैं। इनसे पत्रकारों अपनी खबरों के लिए डेटा के साथ वित्तीय अपराधों की जांच कर सकते है। ऐसे दस्तावेजों को अन्यथा प्राप्त करना पत्रकारों के लिए काफी मुश्किल है।”
  5. अपनी सुरक्षा के प्रति जागरुक रहें: ‘नेपाली टाइम्स‘ के प्रकाशक कुंदा दीक्षित ने कहा- ”राजनेताओं, मशहूर हस्तियों और धार्मिक नेताओं के अवैध वित्तीय सौदों की जांच करना काफी महत्वपूर्ण और जोखिम वाला काम है। इसलिए पत्रकारों के लिए हमेशा अपनी सुरक्षा का उपाय करना जरूरी है। वित्तीय अपराधों की जांच करते समय सतर्क रहें। शक्तिशाली लोगों के पास खोने के लिए बहुत कुछ होता है। यदि उनका कोई रहस्य उजागर हो रहा है, तो वे हताशा में कोई भी अनुचित कार्य कर सकते हैं। इसे हमेशा ध्यान में रखें प्रभावशाली लोग नहीं चाहते कि आप उनसे जुड़े ऐसे मामलों की जांच करें।”
  6. वित्तीय अपराध के तरीकों की समझ जरूरी: आईसीआईजे की पार्टनरशिप कोऑर्डिनेटर और पत्रकार सिलिया एलेक्की   कहती हैं- ”ऐसे वित्तीय अपराधी किस तरह काम करते हैं, इसकी आपके पास सही जानकारी होना जरूरी है। यानी अपराध का पता लगाने में सक्षम होने के लिए आपको पहले अपराधों को समझना होगा। इनकी आपूर्ति श्रृंखला कैसे काम करती है, ऐसा करने में कौन लोग मददगार हैं, यह पता लगाना महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, आपको यह भी जानना जरूरी है कि क्या गतिविधियों में कोई ट्रस्ट या संस्थाएं शामिल हैं। इनके जरिए एक कानूनी व्यवस्था की जाती है, जो किसी तीसरे पक्ष (अक्सर एक वित्तीय सेवा प्रदाता) को लाभार्थी की ओर से संपत्ति रखने की अनुमति देती है। इनका उपयोग असली स्वामित्व को छिपाने और पहले से ही जटिल संरचना में स्वामित्व की गोपनीयता की एक और परत जोड़ने के लिए किया जाता है। यह भी पता करें कि विशिष्ट अधिकार क्षेत्र में धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के काम कैसे होते हैं।”

    फोटो: आईसीआईजे द्वारा पेंडोरा पेपर्स जांच में दुनिया भर के सैकड़ों पत्रकार शामिल हुए। इमेज – स्क्रीनशॉट

  7. व्यवस्थित रहकर अपना काम करें: ऐसी बड़ी जांच के दौरान पत्रकारों का ऐसे दस्तावेजों के बोझ में उलझ जाना सामान्य बात है। खासकर बड़े वित्तीय अपराध की खबरों पर काम करने वाले पत्रकारों के साथ ऐसा होना स्वाभाविक है। लेकिन आप ऐसी किसी उलझन में फंसने से बचने की भरपूर कोशिश करें। आप हमेशा व्यवस्थित रहें। अपनी समय-सारिणी बनाएं और उसी के अनुसार काम करें। जिन दस्तावेजों पर काम कर रहे हों, उनका सारांश, सूचियाँ और तालिकाएँ बनाएँ। एक्सेल को अपना सबसे अच्छा दोस्त बनाएं। डेटाबेस बनाएं। ऐसी चीजें आपको जानकारी के शीर्ष पर बने रहने में मदद करेगी। इससे आपको डेटा के बीच विसंगतियां देखना भी आसान होगा।

इन विषयों की अतिरिक्त जानकारी के लिए जीआईजेएन द्वारा प्रकाशित रिपोर्टर्स गाइड टू ऑर्गनाइज्ड क्राइम में ओसीसीआरपी के पॉल राडू का Money Laundering आलेख देखें।

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