Gothenburg, Sweden.

आलेख

जीआईजेएन का अगला वैश्विक सम्मेलन सितम्बर 2023 में स्वीडन के गोथेनबर्ग शहर में होगा

इस लेख को पढ़ें

ग्लोबल इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म कॉन्फ्रेंस 2023 अब ऐतिहासिक शहर गोथेनबर्ग, (स्वीडन) में 19 से 22 सितंबर तक आयोजित की जाएगी।

ग्लोबल इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म नेटवर्क (जीआईजेएन) के वैश्विक सम्मेलन जीआईजेसी-23 के लिए इस बार स्वीडन के दो स्थानीय सह-मेजबान जुड़े हैं:  फ़ोजो मीडिया इंस्टीट्यूट (लिनिअस विश्वविद्यालय) और फ़ोरेनिंगन ग्रेवंडे जर्नलिस्टर (स्वीडन के खोजी पत्रकारों का राष्ट्रीय संगठन)। यह सम्मेलन गोथेनबर्ग शहर के स्वीडिश एक्जीविशन एंड कांग्रेस सेंटर में होगा।

ग्लोबल इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म कॉन्फ्रेंस खोजी पत्रकारों और संपादकों का दुनिया का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन है। जीआईजेसी-23 इसका तेरहवां आयोजन होगा। इस सम्मेलन में पत्रकारिता के नवीनतम उपकरणों और तकनीकों पर प्रशिक्षण दिया जाता है। इसमें अत्याधुनिक कार्यशालाओं के साथ ही व्यापक नेटवर्किंग और विचार-मंथन के सत्र भी आयोजित किए जाते हैं।

जीआईजेएन के निदेशक मंडल के अध्यक्ष ब्रैंट ह्यूस्टन ने बताया कि  “जीआईजेएन की बीसवीं वर्षगांठ पर एक बार फिर यूरोप में सम्मेलन आयोजित होना काफी सुखद है। यूरोप में ही जीआईजेएन की पहली ग्लोबल कॉन्फ्रेंस हुई थी। हमारे स्वीडिश सहयोगियों के पास अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टिंग का समृद्ध इतिहास है। वह जीआईजेएन के शीर्ष शुभचिंतक रहे हैं। इस सम्मेलन को गोथेनबर्ग में करना काफी रोमांचक होगा।”

फोजो मीडिया इंस्टीट्यूट – यह जीआइजेसी-23 का एक स्थानीय सह-मेजबान होगा। इमेज: फोजो के सौजन्य से

फोजो मीडिया इंस्टीट्यूट के निदेशक केर्स्टी फोर्सबर्ग ने कहा- “जीआईजेसी 2023 का सह-मेजबान बनना हमारे लिए एक सम्मान की बात है। फोजो की ओर से हम गोथेनबर्ग सम्मेलन को सीखने और अनुभव साझा करने तथा आनंद के लिए एक अद्भुत जगह बनाने की पूरी कोशिश करेंगे।”

फोरेनिंगन ग्रेवंडे जर्नलिस्टर के बोर्ड अध्यक्ष उल्ला सटेरी ने कहा- “हम सभी अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों को फिर से एक साथ लाने के लिए तैयार हैं। नेटवर्किंग और सीमा पार सहयोग पहले से कहीं अधिक जरूरी हो चुका है। हम आपको एक विश्वस्तरीय सम्मेलन आयोजित करने का वादा करते हैं।”

जीआईजेसी 2023 का आयोजन पहले सिडनी (ऑस्ट्रेलिया) में करने का विचार था। लेकिन वहां सम्मेलन के स्थानीय मेजबान की बदली परिस्थितियों के कारण स्थान बदलना पड़ा। जीआईजेएन भविष्य में ऑस्ट्रेलिया में सम्मेलन आयोजित करने के लिए हमेशा उत्सुक है।

अब तक हमारे सम्मेलन का आयोजन ब्राजील, डेनमार्क, जर्मनी, नॉर्वे, दक्षिण अफ्रीका और यूक्रेन सहित नौ देशों में हो चुका है। हर दो साल में यह आयोजित किया जाता है। इसमें आम तौर पर 120 से अधिक देशों के 1500 से अधिक पत्रकार शामिल होते है।

स्वीडन का राष्ट्रीय खोजी पत्रकार संगठन भी अपने देश में जीआइजेसी 2023 की सह-मेजबानी करेगा। इमेज :एफजीजे की सौजन्य

पिछले वर्षों की तरह, जीआईजेसी 2023 ग्लोबल साउथ और अन्य क्षेत्रों के पत्रकारों को सम्मेलन में लाने के लिए एक मजबूत फेलोशिप कार्यक्रम पेश करेगा। जो दाता और सह-प्रायोजक इस उच्च प्रभाव वाले आयोजन में सहयोग करना चाहते हैं, वे आयोजकों से hello@gijn.org पर संपर्क कर सकते हैं।

जीआईजेएन की बीसवीं वर्षगांठ के अलावा, अगले साल स्वीडन के दूसरे सबसे बड़े शहर गोथेनबर्ग की 400वीं वर्षगांठ भी है। यह ऐतिहासिक बंदरगाह अपनी नहरों, छायादार सड़कों, विश्वविद्यालयों और अनगिनत रेस्टोरेंट और कैफे के लिए जाना जाता है।

फोजो मीडिया इंस्टीट्यूट दक्षिणी स्वीडन के लिनिअस विश्वविद्यालय में स्थित है। यह पत्रकारिता और मीडिया को मजबूत और विकसित करने के लिए दुनिया भर के भागीदारों के साथ काम करता है। इसका उद्देश्य एक अधिक लोकतांत्रिक और समृद्ध दुनिया को विकसित करने में अपना योगदान देना है।

फोरिंगेन ग्रेवंडे जर्नलिस्टर (एफजीजे) यानि स्वीडिश एसोसिएशन ऑफ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म। यह गैर-लाभकारी संगठन, गहन और सार्थक पत्रकारिता के प्रचार और प्रेरणा के लिए समर्पित है। एसोसिएशन का लक्ष्य पत्रकारों के बीच ज्ञान के आदान-प्रदान हेतु पाठ्यक्रमों का संचालन और सेमिनारों का आयोजन करना है।

ग्लोबल इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म नेटवर्क  दुनिया के खोजी पत्रकारों के लिए अंतरराष्ट्रीय केंद्र के रूप में कार्य करता है। इससे 89 देशों में 235 गैर-लाभकारी सदस्य संगठन जुड़े हैं। इसके कर्मचारी प्रतिदिन एक दर्जन भाषाओं में काम करता हैं। यह खोजी पत्रकारों को सत्ता के दुरुपयोग और जवाबदेही सबंधी उपकरण, तकनीक और प्रशिक्षण प्रदान करता है।

अधिक जानकारी के लिए hello@gijn.org पर संपर्क करें।

* * * *

क्रिएटिव कॉमन्स लाइसेंस के तहत हमारे लेखों को निःशुल्क, ऑनलाइन या प्रिंट माध्यम में पुनः प्रकाशित किया जा सकता है।

आलेख पुनर्प्रकाशित करें


Material from GIJN’s website is generally available for republication under a Creative Commons Attribution-NonCommercial 4.0 International license. Images usually are published under a different license, so we advise you to use alternatives or contact us regarding permission. Here are our full terms for republication. You must credit the author, link to the original story, and name GIJN as the first publisher. For any queries or to send us a courtesy republication note, write to hello@gijn.org.

अगला पढ़ें

GIJC27 website image

15वीं ग्लोबल इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म कॉन्फ्रेंस की तारीखों की घोषणा के साथ वेबसाइट आरंभ

पिछले आयोजनों की तरह, जीआईजेसी27 में भी ग्लोबल शाइनिंग लाइट अवॉर्ड के विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा। हर दो साल में दिया जाने वाला यह पुरस्कार खतरे, दबाव या कठिन परिस्थितियों में की गई उत्कृष्ट खोजी पत्रकारिता को मान्यता देता है।

जीआईजेसी27 में एक व्यापक फ़ेलोशिप कार्यक्रम भी होगा, जिसके ज़रिए ग्लोबल साउथ और अन्य क्षेत्रों के पत्रकार सम्मेलन में भाग ले सकेंगे। फ़ेलोशिप के लिए आर्थिक सहयोग से दुनिया भर में दीर्घकालीन असर पैदा करने में मदद मिल सकती है।

VG, TikTok-bøddelen

विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के अनुरूप खोजी खबरें कैसे लिखें

खोजी पत्रकारों के लिए यह एक बड़ी समस्या है। महीनों तक चली जटिल जांच को नए फॉर्मेट में कैसे बदलें? किसी गहन जांच को ऐसे स्वरूप में कैसे बनाएं, जो तेजी से स्क्रॉल करने वाले पाठक के लिए बना हो? ऐसा करते हुए रिपोर्टिंग की विश्वसनीयता को कैसे कायम रखें?

विषम क्षेत्रों में स्वतंत्र पत्रकारों के मानसिक स्वास्थ्य का संकट

संघर्ष इलाकों में काम करने वाले स्वतंत्र पत्रकारों पर शारीरिक खतरों के बारे में काफी जानकारी मौजूद है। लेकिन उन पर मानसिक असर के बारे में बहुत कम बात की गई है। ऐसी रिपोर्टिंग करने वाले ज़्यादातर स्वतंत्र पत्रकारों को बड़े मीडिया संस्थानों का समर्थन नहीं मिलता है। उन्हें अक्सर काउंसलिंग, बीमा या संपादकीय सहयोग के अभाव के कारण बुरे अनुभवों से गुज़रना पड़ता है। यह उनके मानसिक आघात (ट्रॉमा) का कारण बन सकता है।

Search government contract spreadsheet text

वेबसाइट में बदलाव पर नजर रखने और स्प्रेडशीट से टेक्स्ट खोजने के लिए उपकरण

एआई-संचालित यह टूल पत्रकारों का समय बचाता है। यह एक ऑनलाइन पहरेदार की तरह काम करता है। यह टारगेट साइट्स पर नज़र रखता है। वेबसाइट में किसी बदलाव या अपडेट्स के बारे में अलर्ट भेजता है, जिनके बारे में शायद आपको पता भी न चल पाता।