आलेख

ग्लोबल कांफ्रेंस के सत्रों के लिए अपने आइडिया भेजें

इस लेख को पढ़ें

हर दो वर्ष में एक बार आयोजित होने वाला वैश्विक खोजी पत्रकारिता सम्मेलन (जीआईजेसी #GIJC23) दुनिया के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय खोजी और डेटा पत्रकारों का जमावड़ा है। साल 2023 का सम्मेलन इस बार स्वीडन के ऐतिहासिक शहर गोथेनबर्ग में आयोजित किया जाएगा। इसका स्थान गोथेनबर्ग का विश्वस्तरीय सभामण्डल होगा। इस वर्ष का सम्मेलन, जीआईजेएन दो स्वीडिश भागीदारों के साथ मिलकर कर रहा है। लिनिअस विश्वविद्यालय में फोजो मीडिया इंस्टीट्यूट और स्वीडन के खोजी पत्रकारों का राष्ट्रीय संघ फ़ोरिनिंगन ग्रेवंडे जर्नलिस्टर इस बार सम्मेलन के मेज़बान हैं।

19-22 सितंबर तक आयोजित इस सम्मेलन में जलवायु परिवर्तन, लोकतंत्र के लिए खतरे, डेटा पत्रकारिता, अपराध और भ्रष्टाचार, शिक्षण और प्रशिक्षण, और स्थिरता रणनीतियों सहित कई विषयों पर 150 से अधिक विशेषज्ञ-नेतृत्व वाले सत्र, पैनल और कार्यशालाएं शामिल होंगी।  हम अपने खुले सत्रों के लिए विषयों, विचारों और वक्ताओं की तलाश कर रहे हैं। यदि आपके पास किसी सत्र के लिए एक अत्याधुनिक प्रस्ताव है जो खोजी परियोजनाओं, कौशल, या न्यूज़रूम के लिए सकारात्मक अंतर ला सकता है तो सुझाव हमें भेजें। नोट: सुझाव भेजने की अंतिम तिथि  10 जनवरी, 2023 तक थी। अब इससे संबंधित सुझाव स्वीकार नहीं किए जा रहे हैं।  ध्यान रखें कि सम्मेलन में खोजी उपकरणों और कार्यप्रणाली पर फोकस है, इसलिए हम ऐसे विषयों की तलाश कर रहे हैं जो वॉचडॉग रिपोर्टिंग के लिए नवीन और व्यावहारिक अंतर्दृष्टि साझा करें।

आईडिया भेजते समय ध्यान रखने योग्य कुछ बातें: 

जीआईजेसी23 एक प्रशिक्षण सम्मेलन हैं, जिसमें खोजी उपकरणों और तकनीकों पर विशेष ध्यान दिया जाता है। हम ऐसे सम्मेलन सत्र चाहते हैं जो कौशल-आधारित हों, ताकि दुनिया भर के पत्रकार नए ज्ञान और जानकारी के साथ जाएं।

यहाँ हम क्या नहीं चाहते हैं: आपकी पिछली कहानियाँ कितनी महान थीं और युद्ध से संबंधित कहानियाँ। नीतिगत विषयों पर चर्चा नहीं। सभी सत्रों को लिंग और भूगोल के आधार पर संतुलित करने की आवश्यकता रहेगी।

हमारे पास तीन मुख्य प्रकार के सत्र हैं:

  • पैनल (आमतौर पर तीन स्पीकर और एक मॉडरेटर के साथ)
  • कार्यशालाएं (छोटे सत्र आमतौर पर एक या दो प्रशिक्षकों द्वारा पढ़ाए जाते हैं)
  • नेटवर्किंग सत्र (भाषा, क्षेत्र या विषय पर आधारित अनौपचारिक बैठकें)

पिछले सफल सत्रों के उदाहरणों के लिए GIJC13, GIJC15, GIJC17, GIJC19, और GIJC21 के हमारे कार्यक्रम देखें।

हम उम्मीद करते हैं कि GIJC23 खोजी पत्रकारों का अब तक का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय जमावड़ा होगा। कॉन्फ़्रेंस को आकार देने और इसे एक यादगार इवेंट बनाने में मदद करने का यह आपका अवसर है। आपकी मदद के लिए अग्रिम धन्यवाद, और आपसे गोथेनबर्ग में मिलते हैं!

नोट: सम्मेलन की कामकाजी भाषा अंग्रेजी है, इसलिए प्रस्तावित वक्ताओं को अंग्रेजी बोलनी और समझनी चाहिए। कृपया सभी विचार अंग्रेजी में ही भेजें।

क्रिएटिव कॉमन्स लाइसेंस के तहत हमारे लेखों को निःशुल्क, ऑनलाइन या प्रिंट माध्यम में पुनः प्रकाशित किया जा सकता है।

आलेख पुनर्प्रकाशित करें


Material from GIJN’s website is generally available for republication under a Creative Commons Attribution-NonCommercial 4.0 International license. Images usually are published under a different license, so we advise you to use alternatives or contact us regarding permission. Here are our full terms for republication. You must credit the author, link to the original story, and name GIJN as the first publisher. For any queries or to send us a courtesy republication note, write to hello@gijn.org.

अगला पढ़ें

Ukrainian refugees at Lviv railway station in 2022, waiting for a train to leave Ukraine. Image: Shutterstock

प्रवासन और विस्थापितों पर रिपोर्टिंग कैसे करें

किसी आपात स्थिति में सुरक्षित आवागमन के अभाव और हताशा में भी लोग पलायन करते हैं। रेगिस्तानों को पार करने वाले सीलबंद मालवाहक ट्रकों से लेकर यूरोप की सीमाओं के पास गोपनीय अस्थायी हिरासत केंद्रों जैसे मुद्दे अहम हैं। विभिन्न देशों के बीच प्रवासियों का आवागमन आज पत्रकारों के लिए महत्वपूर्ण विषय बन चुका है।

GIJN Academy collage

जीआईजेएन ने खोजी पत्रकारिता की अकादमी आरंभ की

इसके अंतर्गत प्रशिक्षण लेने वालो के लिए खोजी पत्रकारिता का परिचय, ऑनलाइन ठगी, सैटेलाइट इमेजरी, सहयोगात्मक रिपोर्टिंग, खाद्य असुरक्षा, तकनीक और एआई, पर्यावरण अपराध, लीक और डेटा पत्रकारिता आदि विषयों से परिचित कराया जाएगा।

GIJC25 - Investigating War Crimes Using Satellite Imagery panel

युद्ध अपराधों की जांच के लिए सैटेलाइट चित्रों का उपयोग

सैटेलाइट के जरिए लाइट स्पेक्ट्रम के अलग-अलग हिस्सों से डेटा इकट्ठा किए जाते हैं। इनसे पत्रकार उन बदलावों का पता लगा पाते हैं जो नंगी आंखों से दिखाई नहीं देते। रडार सैटेलाइट के जरिए बादलों के पार भी देखा जा सकता है। इसका इस्तेमाल 2021 के अंत में यूक्रेन की सीमा के पास रूसी सैन्य शिविरों का पता लगाने के लिए किया गया। भले ही अलग-अलग वाहन दिखाई नहीं दे रहे थे, लेकिन रडार सैटेलाइट डेटा के पैटर्न से सैन्य कार्रवाई की तैयारी संबंधी बदलाव देखने को मिले। हम इन सैन्य शिविरों को अपनी आंखों से नहीं देख सकते थे। लेकिन अगर ऐसे पैटर्न अचानक दिखाई देते हैं, जो पहले नहीं थे, तो आप अनुमान लगा सकते हैं कि ये मिलिट्री वाहन हैं।