पत्रकार कैसे करें अपनी डिजिटल सुरक्षा

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हर पत्रकार को अपना संचार और अपनी सूचनाएं गोपनीय रखना जरूरी है। विभिन्न कारणों से उनके संचार पर खतरा बढ़ रहा है। कई अध्ययनों से पता चलता है कि ज्यादातर पत्रकार इस खतरे को वास्तविक मानते हैं। इसके बावजूद काफी पत्रकार अपने संचार की बुनियादी सुरक्षा के तरीके नहीं अपना रहे हैं।

पत्रकारों की डिजिटल सुरक्षा बढ़ाने के लिए जीआइजेएन ने इस विषय पर संसाधन सामग्री जुटाकर यह गाइड तैयार की है। इस आलेख में पत्रकारों को इन खतरों के प्रति सचेत करते हुए डिजिटल सुरक्षा संबंधी तकनीक और उपायों की जानकारी दी जा रही है।

Rory Peck Foundation ने फ्रीलांसरों के लिए एक  Digital Security Guide जारी की है। इसमें कहा गया है कि छोटे और सामान्य कदम उठाने से भी बड़ा फर्क पड़ सकता है।

Freedom of the Press Foundation के कार्यकारी निदेशक ट्रेवर टिम् का यह साक्षात्कार काफी महत्वपूर्ण है। PDNPulse को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा- ”आप कभी यह नहीं कह सकते कि कोई भी 100 प्रतिशत सुरक्षित है। लेकिन कई ऐसे बुनियादी कदम हैं, जिनके माध्यम से आप इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की तुलना में 90 या 95 प्रतिशत तक अधिक सुरक्षित हो सकते हैं। इसका वास्तव में दूरगामी असर पड़ता है।”

कनाडा स्थित Citizen Lab के एक डिजिटल सुरक्षा विशेषज्ञ रॉबर्ट गुएरा के सुझावों से इस विषय को समझना आसान होगा। उनका मानना है कि अधिकांश पत्रकार सबसे बुनियादी सावधानी भी बरतने को तैयार नहीं हैं।

रॉबर्ट गुएरा ने एक दशक से अधिक समय तक एनजीओ के कर्मचारियों और पत्रकारों को सुरक्षित रूप से ऑनलाइन संचार  और डेटा प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया है। गुएरा के अनुसार- ”यदि आप खोजी पत्रकार हैं, तो कोई भी डिजिटल टूल का उपयोग करके आपके डेटा निकाल सकता है। इसलिए जोखिम को समझो और डिजिटल सुरक्षा के सामान्य नियमों का पालन करो।”

डिजिटल सुरक्षा को लेकर रॉबर्ट गुएरा के सुझाव इस प्रकार हैं:

ई-मेल की सुरक्षा कैसे हो?

  • यदि आप किसी ऐसे देश की यात्रा पर हैं जो मीडिया की जासूसी करता है तो वहां के ईमेल प्रदाता पर भरोसा न करें।
  • घर पर या अपने देश में आप एक सुरक्षित ईमेल प्रदाता का उपयोग करें। आपका ईमेल सुरक्षित है या नहीं, इसकी जानकारी उसके एड्रेस बार में “https” को देखकर मिल सकती है। सामान्यतः जीमेल सुरक्षित है, जबकि याहू और फेसबुक की सेटिंग्स में फेरबदल संभव है। यदि आप एक मुफ्त वाइफ़ाई नेटवर्क का उपयोग करते हैं, तो कोई भी जासूस या सिरफिरा आपकी स्क्रीन को टैप कर सकता है। यदि आप किसी समाचार स्रोत से संवाद कर रहे हैं, तो इसमें यह समस्या आ सकती है। गुएरा के अनुसार- ”यह तो ऐसा है मानो आप किसी व्यस्त सार्वजनिक स्थान पर अपने किसी गोपनीय स्रोत से बात कर रहे हैं, और आप दोनों चिल्लाकर अपनी बात कह रहे हों।”
  • संभव है कि आपका नियोक्ता आपके ईमेल खाते की सुरक्षा की व्यवस्था नहीं कर रहा हो। ऐसे में आप अपने संस्थान में प्रौद्योगिकी डेस्क के विशेषज्ञ से पूछें कि आपके लिए क्या सावधानी बरती जाती है? गूगल अथवा याहू से अपना व्यक्तिगत खाता प्राप्त करने का प्रयास करें, जिस पर आपका नियंत्रण हो।

पासवर्ड और दो-चरण लॉगिन (Two-Factor Login)

यदि आपके पास जीमेल है, तो हर कोई आपका यूजर नेम जानता है। लिहाजा, किसी हैकर को केवल आपका पासवर्ड चाहिए। इसलिए आपके लिए सुरक्षा का पहला जरूरी कदम यह है कि आप एक जटिल पासवर्ड का उपयोग करें। नीचे ऐसे मजबूत पासवर्ड बनाने के लिए सुझाव दिए गए हैं। इसके अलावा, अधिक संवेदनशील संचार के लिए जीमेल, ट्विटर और फेसबुक ने अतिरिक्त एवं वैकल्पिक सुरक्षा की व्यवस्था की है। इसमें दो-चरण लॉगिन (two-factor login) को जोड़ा है। जब आप दो-चरण लॉगिन को सक्रिय करके अपना पासवर्ड दर्ज करते हैं, तो आपके फोन पर एक मैसेज आता है। इसमें आपको एक कोड मिलता है। इसे डालने पर ही आपका एकाउंट खुलेगा।

Reporters Without Borders ने सुरक्षित पासवर्ड बनाने पर 12 मिनट का वीडियो बनाया है। इसके आधार पर आप अपना सुरक्षित पासवर्ड बना सकते हैं।

‘लॉग इन सेटिंग्स‘ में क्या सावधानी बरतें?

अपने कंप्यूटर में कई यूजर एकाउंट स्थापित करें। आपके डिफाॅल्ट एडमिनिस्ट्रेटर खाते के अलावा कम से कम एक अन्य यूजर एकाउंट रखें। उस दूसरे यूजर एकाउंट को कोई प्रशासनिक अधिकार न दें, सिर्फ अपने दैनिक कार्य के लिए उस लॉगिन का उपयोग करें। ऐसे में यदि मैलवेयर द्वारा स्वचालित रूप से कुछ इंस्टॉल करने का प्रयास होगा, तो कंप्यूटर आपको एडमिनिस्ट्रेटर पासवर्ड की आवश्यकता वाला संदेश भेजकर अलर्ट कर देगा।

मैलवेयर को लेकर सावधानी बरतें

संदिग्ध अटैचमेंट्स से सावधान रहें। कंप्यूटर में अपने प्रोग्राम्स को अपडेट रखें। एक अच्छा एंटी वायरस प्रोग्राम इंस्टॉल करें। आम तौर पर इससे समुचित सुरक्षा मिल जाती है।

जिन समूहों या लोगों को आप जानते हैं, उनके ईमेल देखें। लेकिन अन्य ईमेल में सावधानी बरतें। उनमें व्याकरण संबंधी परिवर्तन या अजीब किस्म के विराम चिह्न इत्यादि पर गौर करें।

मैक उपयोगकर्ता को सुरक्षित होने के भ्रम से बचते हुए समुचित सुरक्षा उपाय करना चाहिए।

पुराने किस्म के ऐसे आउटडेटेड कंप्यूटर, जिनमें समुचित सुरक्षा प्रबंध नहीं हैं, वह आपको अधिक जोखिम में डाल सकते हैं।

गुएरा ने कुछ उपयोगी विशिष्ट उपकरणों का वर्णन किया है।

अगर कुछ गलत हो जाए, तो क्या करें?

यदि आपको अपने कंप्यूटर में कुछ संदेहास्पद होता दिखें, तो सावधान हो जाएं। तत्काल ऐसे गैर-लाभकारी समूहों से संपर्क करें, जो डिजिटल सुरक्षा पर काम करते हों। ऐसे संगठन डिजिटल हमले रोकने संबंधी प्रशिक्षण देते हैं। इनमें कुछ संस्थाओं का विवरण प्रस्तुत है:-

  • Access Now नामक गैर-लाभकारी संस्था द्वारा नौ भाषाओं में  चौबीसों घंटे डिजिटल सुरक्षा हेल्पलाइन चलाई जाती है। अंग्रेजी, स्पेनिश, फ्रेंच, जर्मन, पुर्तगाली, रूसी, तागालोग, अरबी और इतालवी में यह सेवा उपलब्ध है। इसमें दो घंटे के भीतर सभी अनुरोधों का जवाब मिल जाता है।
  • The Committee to Protect Journalists  न्यूयॉर्क स्थित पत्रकारों की सुरक्षा के लिए समिति (सीपीजे) द्वारा दुनिया भर के पत्रकारों को मदद की जाती है।
  • Reporters Without Borders  पेरिस स्थित रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स भी सीपीजे की तरह कार्य करता है। इसके द्वारा दुनिया भर के पत्रकारों को डिजिटल सुरक्षा पर सलाह और मदद दी जाती है। यह एक डिजिटल सहायता डेस्क और आपातकालीन सहायता सेवा भी चलाता है। कोड भाषा (एन्क्रिप्शन), गुमनामी (एनॉनिमाईजेशन), अकाउंट सुरक्षा, नफरत या हेट स्पीच से निपटने और फर्जी समाचार जैसे विषयों पर जानकारी helpdesk.rsf.org पर उपलब्ध है।
  • The Citizen Lab टोरंटो विश्वविद्यालय में स्थित है। इसमें इंटरनेट सुरक्षा और मानव अधिकारों पर शोध किया जाता है।

ट्यूटोरियल और टिप्सशीट

डिजिटल सुरक्षा के लिए मार्गदर्शिकाओं की कोई कमी नहीं है। इनमें कई गाइड ऐसी हैं, जो बहुत जटिल होने के कारण कामकाजी पत्रकारों के लिए बहुत उपयोगी नहीं हैं। लेकिन उनसे मदद लेकर आपके न्यूज रूम या आपकी टीम द्वारा  उपयोग लायक गाइड बनाकर यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि आपका काम सुरक्षित रहे। यहाँ कुछ संसाधन प्रस्तुत हैं:-

How Journalists Can Prepare for Online Harassment, Disinformation – हॉवर्ड हार्डी का यह लेख बताता है कि निशाना बनने से पत्रकार कैसे पहले अपनी ऑनलाइन सुरक्षा मजबूत कर लें। ऑनलाइन उत्पीड़न और गलत सूचनाओं से बचने के लिए पत्रकार क्या तैयारी करें, इस पर उपयोगी जानकारी है। इसमें बताया गया है कि डिजिटल सुरक्षा में अपने पत्रकारों की मदद के लिए न्यूज रूम क्या कर सकते हैं।

The GCA Cybersecurity Toolkit for Journalists – ग्लोबल साइबर एलायंस ने वर्ष 2020 में पत्रकारों के लिए यह टूलकिट जारी किया। यह एक स्वतंत्र मार्गदर्शिका है। इससे पत्रकारों और छोटे न्यूज रूम को अपना साइबर सिस्टम सुधारने और डिजिटल सुरक्षा मजबूत करने में मदद मिलती है।

A Cheat Sheet for Open Source Digital Security Options – ओपन सोर्स डिजिटल सुरक्षा के लिए मार्गदर्शिका। जीआइजेएन के लिए कैटरीना सबदोस ने वर्ष 2019 में इसे तैयार किया था। वह एक स्वतंत्र पत्रकार और ऑर्गनाइज्ड क्राइम एंड करप्शन रिपोर्टिंग प्रोजेक्ट में शोधकर्ता हैं।

Committee to Protect Journalists Digital Safety Kit – पत्रकारों के लिए समिति द्वारा निर्मित डिजिटल सुरक्षा किट। वर्ष 2019 के इस गाइड में छह अध्याय शामिल हैं:

अपने खातों को सुरक्षित रखें – Protect your accounts

फिशिंग – Phishing

डिवाइस सुरक्षा- Device security

एन्क्रिप्टेड संचार- Encrypted communications

सुरक्षित इंटरनेट उपयोग- Secure internet use

विदेश जाते समय – Crossing borders 

CPJ Safety Advisory: Journalist targets of Pegasus spyware (2019) – सीपीजे सुरक्षा सलाह: पेगासस स्पाइवेयर के निशाने पर पत्रकार 

The New York Times Digital Security Education Hub – न्यूयॉर्क टाइम्स के ‘डिजिटल सिक्यूरिटी एजुकेशन हब‘ ने इंटरनेट और सोशल मीडिया संबंधी सुरक्षा और निजता के संबंध में चेकलिस्ट्स के साथ यह गाइड जारी किया है।

Curriculum Guide on Doxing – कार्यशाला के फेसिलिटेटर्स के लिए यह उपयोगी पाठ्यक्रम गाइड है।

Guidelines – नवंबर 2019 में इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ जर्नलिस्ट्स ने महिला पत्रकारों की ऑनलाइन ट्रोलिंग के खिलाफ सामूहिक लड़ाई के लिए दिशानिर्देश जारी किए।

Digital Security Checkup to Avoid Getting Doxxed – डिजिटल सिक्यूरिटी चेकअप पर यह GIJC19 की एक प्रस्तुति है। इसे आतंकवाद को कवर करने के लिए एक पत्रकार विल कारलेस ने तैयार किया है।

Digital Security for Journalists Requires an Adaptable Toolkit – पत्रकारों की डिजिटल सुरक्षा हेतु एक टूलकिट की आवश्यकता पर वर्ष 2019 का यह लेख काफी उपयोगी है। इसे Nothing2Hide के अध्यक्ष और सह-संस्थापक ग्रेजायर पौगेट ने लिखा है।

Digital security training for activists and journalists – कार्यकर्ताओं और पत्रकारों के लिए डिजिटल सुरक्षा प्रशिक्षण – यह टोटेम नामक एक ऑनलाइन शिक्षण मंच का कार्यक्रम है। इसके द्वारा पत्रकारों, कार्यकर्ताओं और मानवाधिकार रक्षकों के लिए ऑनलाइन कक्षा का आयोजन किया जाता है। इसमें अरबी, अंग्रेजी, फ्रेंच, फारसी और स्पेनिश में मुफ्त डिजिटल सुरक्षा प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।

Measures for Newsrooms and Journalists to Address Online Harassment – न्यूज रूम और पत्रकारों के लिए ऑनलाइन उत्पीड़न से निपटने के उपाय – इंटरनेशनल प्रेस इंस्टीट्यूट (IPI) के आनलाइन कार्यक्रम (2019) में इस संग्रह की सामग्री प्रस्तुत की गई थी। इसमें बताया गया है कि जब किसी पत्रकार को ऑनलाइन धमकी मिले, तो उसे क्या करना चाहिए। न्यूजरूम में सुरक्षा की संस्कृति विकसित करने पर भी उपयोगी सामग्री दी गई है।

Reporters Without Borders – रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स – इसमें कोड भाषा (एन्क्रिप्शन), गुमनामी (एनॉनिमाईजेशन), अकाउंट सुरक्षा, नफरत या हेट स्पीच से निपटने और फर्जी समाचार जैसे विषयों पर जानकारी helpdesk.rsf.org पर उपलब्ध है।

Digital Safety : Remove personal data from the internet – डिजिटल सुरक्षा : इंटरनेट से व्यक्तिगत डेटा हटा दें  वर्ष 2019 में इसे कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स ने प्रकाशित किया था।

The Field Guide to Security Training – द फील्ड गाइड टू सिक्यूरिटी ट्रेनिंग,  यह OpenNews द्वारा संचालित एक पाठ्यक्रम है। यह ऐसी टीम है जो डेवलपर्स, डिजाइनर्स, और डेटा विश्लेषकों को ओपन जर्नलिज्म प्रोजेक्ट्स में सहयोग करती है। इसमें BuzzFeed के कला और प्रौद्योगिकी फेलोशिप प्रोग्राम BuzzFeed Open Lab की भी भागीदारी है।

4 Digital Security Tips Every Journalist Needs to Know – डिजिटल सुरक्षा के चार उपाय, जो प्रत्येक पत्रकार को जानना चाहिए – सियोल में आयोजित अनकवरिंग एशिया 2018 सम्मेलन में क्रिस वॉकर ने इसे प्रस्तुत किया। वह Tactical Technology Collective के डिजिटल सुरक्षा विशेषज्ञ हैं। पत्रकार खुद की, अपने स्रोतों की, और अपनी खबरों की रक्षा कैसे करें- इस पर उन्होंने महत्वपूर्ण टिप्स दिए।

Measures for Newsrooms and Journalists to Address Online Harassment – वर्ष 2019 में इंटरनेशनल प्रेस इंस्टीट्यूट द्वारा संग्रहित सामग्री। इसमें ऑनलाइन प्रताड़ना के निशाना बने पत्रकारों की मदद का प्रोटोकाॅल भी दिया गया है।

Online Harassment Field Guide – पेन अमेरिका द्वारा प्रकाशित इस ऑनलाइन उत्पीड़न फील्ड गाइड में लेखकों, गवाहों और नियोक्ताओं के लिए विभिन्न प्रकार की सलाह दी गई है। इसके अलावा कुछ विशेष सामग्री भी है। जैसे- अपने मित्रों और शुभचिंतकों से बात करने संबंधी दिशानिर्देश।

Your smartphone and you: A handbook to modern mobile maintenance – आपका स्मार्टफोन और आप: Freedom of the Press Foundation द्वारा वर्ष 2019 में प्रकाशित गाइड। इसमें आधुनिक मोबाइल के रखरखाव पर उपयोगी सामग्री है।

Current Digital Security Resources – मार्टिन शेल्टन ने करंट डिजिटल सिक्यूरिटी रिसोर्सेस के अगस्त 2017 संस्करण में इसे प्रस्तुत किया। इसमें बताया गया कि सबसे अच्छे डिजिटल सुरक्षा संसाधन भी जल्द ही अप्रासंगिक और पुराने हो जाते हैं। शेल्टन ने दो-चरण प्रमाणीकरण का उपयोग करके सुरक्षा संबंधी एक लेख भी लिखा है। उनके एक अन्य लेख में पत्रकारों को दुर्भावनापूर्ण सॉफ्टवेयर से निपटने संबंधी सुझाव दिए हैं। How Reporters Can Prepare For Malicious Software.

Digital Self-Defense for Journalists : An Introduction – पत्रकारों के लिए डिजिटल आत्म-सुरक्षा: एक परिचय – शेल्टन का वर्ष 2016 का लेख, जिसे जीआईएनएन ने पुनर्प्रकाशित किया। यह इस विषय पर एक उपयोगी सामग्री है।

Surveillance Self-Defense – इलेक्ट्रॉनिक फ्रंटियर फाउंडेशन का यह दस्तावेज आत्मरक्षा निगरानी पर काफी महत्वपूर्ण है। इसमें सात चरण वाली सुरक्षा सहित कई जानकारी मिलती है। इसमें पत्रकारों को सुझाव दिया गया है कि –

मजबूत पासवर्ड का उपयोग : Diceware का उपयोग करके मजबूत पासवर्ड चुनें, पासवर्ड का पुनः उपयोग करने से बचें, एक एन्क्रिप्टेड वर्चुअल सेफ या पासवर्ड मैनेजर का उपयोग करने पर विचार करें, सुरक्षा प्रश्नों के लिए आसान उत्तर देने से बचें, दो-चरण प्रमाणीकरण पासवर्ड का उपयोग करें। यदि आप अपने बटुए में कागज के एक टुकड़े पर पासवर्ड लिखते हैं, तो वास्तविक पासवर्ड से पहले और बाद में कुछ फालतू अक्षर जोड़ दें और किसी खाते को स्पष्ट रूप से लेबल न करें। सभी खातों के लिए एक ही पासवर्ड का उपयोग न करें। पासवर्ड नियमित रूप से बदलते रहें।

आपको अपने सबूत नष्ट नहीं करना चाहिए। इसके बजाय आप अपनी फाइलों को कम्प्यूटर  से हटाते हुए सुरक्षित और आसान तरीके से वापस हासिल करने का सिस्टम बना सकते हैं। यह सुनिश्चित करें कि इस संबंध में आपकी नीति सबके लिए स्पष्ट तौर पर लिखी गई हो। यह आपका सबसे अच्छा बचाव है। यदि ऐसे दस्तावेज आपके पास नहीं हैं, तो उन्हें दूसरे लोग प्राप्त नहीं कर सकते।

डेटा संरक्षण की मूल बातें : अपने खातों और स्क्रीनसेवर के लिए लॉगिन को आवश्यक करें। अपना पासवर्ड मजबूत बनाएं। यह भी सुनिश्चित करें कि आपका सिस्टम प्रशासक भरोसेमंद है।

डेटा एन्क्रिप्शन : पासवर्ड से सुरक्षित किसी डेटा को सरकार हासिल कर सकती हैं। लेकिन अच्छी तरह से एन्क्रिप्ट किए गए डेटा को हासिल करना दूसरों के लिए अधिक कठिन है। एन्क्रिप्शन कैसे काम करता है, इस पर एसएसडी की बुनियादी गाइड काफी उपयोगी है।

मैलवेयर से सुरक्षा: एंटी-वायरस सॉफ्टवेयर का उपयोग करें। अपने सुरक्षा सिस्टम को हमेशा अपडेट रखें। संदिग्ध लिंक और फाइलों पर क्लिक न करें।

Tip Sheet of Best Practices – बेस्ट प्रेक्टिसेस की टिप शीट – यूएस पब्लिक ब्रोडकास्टिंग सर्विस के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक फ्रंटियर फाउंडेशन के ईवा गैलपेरिन बेस्ट प्रेक्टिसेस की यह टिप-शीट बनाई है। इसके प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:

  • स्काइप उतना सुरक्षित नहीं है, जितना आपको लगता है। सरकार आपकी गतिविधियों पर नजर रख सकती हैं। इसलिए, स्काइप के बजाय Google Hangouts का उपयोग बेहतर होगा।
  • टेक्स्ट मैसेज असुरक्षित है और यह एन्क्रिप्टेड नहीं है।

The Wired Guide to Digital Security : वायर्ड पत्रिका की ओर से डिजिटल सुरक्षा गाइड।

म्यांमार: पत्रकारों के लिए डिजिटल सुरक्षा गाइड: यह पत्रकारों को हैकिंग, निगरानी और डिजिटल उत्पीड़न के विभिन्न रूपों से बचाते हुए अपने संचार और डिजिटल उपकरणों की सुरक्षा प्रदान करने वाला एक सरल, सुलभ उपकरण (2017) है। इसे Centre for Law and Democracy (CLD) ने International Media Support (IMS), FOJO Media Institute and the Myanmar Press Council (MPC) के सहयोग से तैयार किया था। Digital Security Guide [English]

Spycraft: Keeping Your Sources Private (Powerpoint) अमेरिका में एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर स्टीव डोइग ने पत्रकारों को अपने स्रोत गोपनीय रखने के संबंध में काफी उपयोगी प्रस्तुति की। उनके कुछ सुझाव इस प्रकार हैं:

  • वेब पर IXQuick के साथ सर्च करें। इससे आपके आईपी पते या सर्च किए गए शब्दों का कोई पता नहीं लगा सकेगा।
  • SpoofCard के जरिए अपनी कॉलर आईडी को बदल दें। यह अंतरराष्ट्रीय कॉल में भी काम करता है।
  • नगद राशि देकर नो-कॉन्ट्रैक्ट सेल फोन खरीद लें।
  • एन्क्रिप्टेड संचार का उपयोग करें :
    •   Pretty Good Privacy काफी मजबूत और उच्चस्तरीय है।
    •   Spam Mimic संदेशों को स्पैम-नुमा ईमेल में एन्क्रिप्ट करता है।
    •   Webroot Window Washer का उपयोग करके डीलिट की गई फाइलों को अच्छी तरह साफ करें।
    •   किसी सरकारी स्रोत द्वारा लीक किए गए दस्तावेज में अदृश्य वॉटरमार्क से सावधान रहें।

Security in-a-Box – The Tactical Technology Collective ने मानव अधिकार कार्यकर्ताओं और पत्रकारों के लिए यह सुरक्षा-इन-ए-बॉक्स विकसित किया है।

How-to Booklet – इसमें 11 क्षेत्रों को कवर करने वाले एक बुकलेट के साथ ही विशिष्ट फ्रीवेयर, ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर टूल और एक मोबाइल सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करने संबंधी गाइड शामिल है।

  • English https://securityinabox.org/en/about/
  • Russian https://securityinabox.org/ru/
  • Arabic https://securityinabox.org/ar/
  • Bahasa Indonesia https://securityinabox.org/id/

A Surveillance Self-Defense Checklist  इस इंटरसेप्ट के माध्यम से डिजिटल सुरक्षा हेतु बुनियादी, मध्यवर्ती और उन्नत कदम उठाने की जानकारी दी गई है।

Techniques For Data Security:  The Investigative Journalism Manual के अध्याय चार में डेटा सुरक्षा की तकनीक पर उपयोगी सामग्री उपलब्ध है। इसे Konrad Adenauer Stiftung (KAS) की ग्लोबल मीडिया प्रोग्राम्स (2010) की एक परियोजना के तहत तैयार किया गया।

Surveillance Self-Defense Against The Trump Administration: The Intercept से संबंधित पत्रकार मीका ली ने ट्रम्प प्रशासन द्वारा की जाने वाली निगरानी से बचाव की चेतावनी देते हुए इसे लिखा था। इसमें कहा गया है कि संयुक्त राज्य अमेरिका में सरकार की कार्यकारी शक्ति के लगातार विस्तार का मतलब है कि पत्रकारों को इससे अपनी रक्षा के लिए सचेत रहना होगा, भले ही ऐसा करना तकनीकी रूप से जटिल हो।

Journalists In Distress : Securing Your Digital Life:  इसे Canadian Journalists for Freedom of Expression के पत्रकारों ने तैयार किया था। यह फ्रेंच और अरबी में उपलब्ध है। इसमें पत्रकारों को अपनी डिजिटल लाइफ सुरक्षित करने संबंधी सुझाव दिए गए हैं।

Cyber Security for Journalists : Tips and Tools for Securing Your Communications:  इसमें पत्रकारों की साइबर सुरक्षा तथा संचार को सुरक्षित रखने के लिए उपकरणों की जानकारी के साथ महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं। European Federation of Journalists (EFJ) और European Trade Union Institute (ETUI) द्वारा प्रायोजित एक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के नोट्स (फ्रेंच में) पर यह आधारित है। इसमें डिजिटल सुरक्षा विशेषज्ञ ‘डिमित्री विटालिव‘ ने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रदान किया।

Instant Messaging: कई विशेषज्ञ सिग्नल या व्हाट्सएप का उपयोग करने की सलाह देते हैं। सिग्नल पर Journalism.co.uk का लेख देखें।

First Draft के एक आर्टिकल में समाचार संकलन हेतु व्हाट्सएप के उपयोग पर उपयोगी जानकारी मिलती है।
मोजिला सिक्योर फाइल शेयरिंग सर्विस उन लोगों से फाइल प्राप्त करने का एक शानदार तरीका है जो फाइलों को खुद एन्क्रिप्ट करने या सिगनल के माध्यम से भेजने में सक्षम नहीं हैं।

Ce Kit de Survie Numérique: रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स ने पत्रकारों की डिजिटल सुरक्षा के लिए यह किट (फ्रेंच में) तैयार किया है।

Privacidade para Jornalistas:  Privacy for Journalists पत्रकार राफेल हर्नांडेस द्वारा पत्रकारों के लिए गोपनीयता की रक्षा के लिए बनाए गए इस ऑस्ट्रेलियाई संसाधन का यह ब्राजीलियाई संस्करण है। इसमें जोखिम विश्लेषण सहित अन्य गाइड एवं उपकरण शामिल हैं। अमेरिकन ब्लॉग नाइट सेंटर जर्नलिज्म में इसके पांच बुनियादी सुझावों को संक्षेप में प्रस्तुत किया गया है, जो इस प्रकार है:

हार्ड ड्राइव और फ्लैश ड्राइव का एन्क्रिप्शन – हार्ड ड्राइव और यूएसबी उपकरणों को एन्क्रिप्शन के जरिए एक पासवर्ड से सुरक्षित किया जाता है। उपकरण खो जाने या चोरी होने की स्थिति में आपके स्रोतों और व्यक्तिगत फाइलों की रक्षा होगी।

दो-चरण प्रमाणीकरण – इसे ऑनलाइन बैंकिंग एक्सेस के लिए उपयोग किया जाता है। आपके ईमेल और सोशल नेटवर्क में यह किया जा सकता है। इसमें लॉगिन के लिए आपके पासवर्ड के साथ ही आपके स्मार्टफोन पर भेजे गये कोड (ओटीपी) का उपयोग किया जाता है। अगर आपका पासवर्ड चोरी हो जाए? तक भी इस दो-चरण प्रमाणीकरण से आपको सुरक्षा मिलेगी। आपके स्मार्टफोन पर आए कोड या ओटीपी के बगैर कोई आपके ई-मेल या सोशल नेटवर्क खाते का दुरूपयोग नहीं कर सकेगा।

Signal – सिग्नल – यह एन्क्रिप्टेड संदेश स्मार्टफोन के लिए उपलब्ध ऐप्प है। यदि सेल फोन को इंटरसेप्ट किया जाता है, तो कोई यह नहीं समझ पाएगा कि उसमें क्या लिखा गया था।

Sync.com –  यह एक फ्री क्लाउड स्टोरेज सिस्टम। यह जीरो-नाॅलेज प्रोटोकॉल का उपयोग करता है। इसका अर्थ है कि यह किसी जानकारी को संग्रहित करता है, लेकिन यह नहीं जानता कि क्या संग्रहित किया जा रहा है। आम तौर पर हम जिन वेबसाइटों का उपयोग करते हैं, वे फाइलों को स्कैन करके संबंधित अधिकारियों को रिपोर्ट करते हैं। लेकिन सिंक एन्क्रिप्टेड और काफी सुरक्षित है। यह उपयोग करने में भी बहुत सरल है।

पीजीपी – प्रेटी गुड प्राइवेसी – यह ईमेल को एन्क्रिप्ट करने का एक तरीका है। एक तरह ऐसी तिजोरी की तरह जिसमें दो चाभी हो- एक लॉक करने के लिए और दूसरी अनलॉक करने के लिए। इसमें जो लोग आपको फाइलें और संदेश भेजते हैं, उन्हें आप लाॅक करने की चाभी दे देंगे, ताकि वे आपको फाइल भेज सकें। लेकिन अनलॉक करने की चाभी केवल आपके पास होगी।

ऑस्ट्रेलिया में CryptoAustralia द्वारा संचालित एक साइट है- Privacy for Journalists – पत्रकारों के लिए गोपनीयता। इसके ब्लॉग में नए-नए विषयों को शामिल किया जाता है। जैसे, क्लाउड में फाइलों को गोपनीय तरीके से रखना, एक सुरक्षित सर्च इंजन की तलाश करना, और विंडोज पर अपने यूएसबी ड्राइव को एन्क्रिप्ट करना।

Free Press Unlimited – ‘फ्री प्रेस अनलिमिटेड‘ द्वारा टोटेम नामक प्लेटफॉर्म पर मुफ्त ऑनलाइन डिजिटल सुरक्षा पाठ्यक्रम उपलब्ध कराया जाता है। टोटेम एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है जो पत्रकारों और कार्यकर्ताओं को डिजिटल सुरक्षा, गोपनीयता संबंधी उपकरण और रणनीति के उपयोग में मदद करता है।

How to Stop Apps From Tracking Your Location: जेनिफर वैलेंटिनो-डेव्राइस और नताशा सिंगर का यह लेख दिसंबर 2018 में ‘न्यूयॉर्क टाइम्स‘ में प्रकाशित हुआ। इसमें बताया गया कि पत्रकार अपनी लोकेशन को ट्रैक होने से कैसे रोकें। वह मुख्य रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका पर लागू होने वाले ऐसे तरीके बताते हैं जिनमें अपनी सेटिंग्स बदलने संबंधी सलाह शामिल है।

The Storyful Podcast : Digital Security – How Journalists and Activists Can Be Protected Online – यह ‘द स्टोरीफुल पॉडकास्ट‘ भी काफी उपयोगी है। यह पत्रकारों और कार्यकर्ताओं को ऑनलाइन संरक्षित करने और उनकी डिजिटल सुरक्षा पर केंद्रित है। इसमें मेजबान और पत्रकार डेला किलराॅय, स्टोरीफुल पत्रकार जेनी हौसर और ईगन स्वीनी शामिल हैं। इस पाॅडकास्ट में सुरक्षा विशेषज्ञ एंड्रयू एंडरसन (फ्रंटलाइन डिफेंडर्स के कार्यकारी निदेशक) और सुरक्षा फर्स्ट के सह-संस्थापक होली किलरॉय भी शामिल हुए।

How Can Journalists Protect Themselves During a Trump Administration?  कावेह वाडेल ने The Atlantic में अपने संबोधन के दौरान बताया कि ट्रम्प प्रशासन के दौरान पत्रकार खुद की रक्षा कैसे कर सकते हैं? उन्होंने जटिल पासवर्ड बनाने के लिए पासवर्ड मैनेजर सॉफ्टवेयर का उपयोग करने का सुझाव भी दिया।

ProPublica से जुड़ी पत्रकार जूलिया एंगविन ने लिखा- ”मैं हर साल जनवरी में अपना डिजिटल ट्यून-अप करती हूं। इस वर्ष ऐसा करना विशेष रूप से जरूरी है क्योंकि अभी हम अपनी डिजिटल सुरक्षा पर अभूतपूर्व खतरों से गुजर रहे हैं।” इसमें उन्होंने नौ सुझाव पेश किए।

Comparitech की ओर से ऐमी ओ ड्रीसकाॅल ने ग्यारह चरणों का सुझाव दिया है। इसमें सबसे अप-टू-डेट तकनीक का उपयोग करने का सुझाव दिया गया है। साथ ही, संचार को एन्क्रिप्ट करने और लोकप्रिय प्लेटफार्मों से बचने जैसी रणनीति शामिल है। हालांकि इनमें से कुछ तरीकों का उपयोग करने में कई अतिरिक्त काम करने पड़ सकते हैं। लेकिन इन सबको एक साथ जोड़ दिया जाए, तो इससे जोखिम बहुत कम हो सकता है।”

डेविड ट्रिलिंग ने भी एक टिप शीट बनाई है। उनका कहना है कि तकनीकी दुनिया में भयभीत कर रही है। इससे बचाव हेतु पत्रकारों के लिए उपयोगी ट्यूटोरियल्स के लिंक पर आधारित यह टिप शिट है। इसे Journalist’s Resource of Harvard’s Shorenstein Center on Media, Politics and Public Policy ने प्रकाशित किया।

DW Akademie – अंतरराष्ट्रीय मीडिया विकास के लिए जर्मनी के संगठन DW Akademie ने डिजिटल सुरक्षा पर लिंक का यह व्यापक संग्रह तैयार किया है।

A First Look at Digital Security : डिजिटल सुरक्षा पर पहली नजर – यह एक ओपन-सोर्स बुकलेट है जिससे आप अपनी डिजिटल सुरक्षा को ऑनलाइन सुधारने की दिशा में पहला कदम उठा सकते हैं। इसे Github में ऑनलाइन अपडेट किया जा सकता है।

An Article – The Ugandan Hub for Investigative Media – द युगांडा हब फॉर इन्वेस्टिगेटिव मीडिया- द्वारा पांच उपायों का सुझाव देने वाला यह लेख भी काफी उपयोगी है। यह DW Akademie के सहयोग पर आधारित है। यह डिजिटल सुरक्षा पर पत्रकारों को प्रशिक्षित करता है।

Anti-Phishing and Email Hygiene:  The Freedom of Press Foundation द्वारा एंटी फिशिंग और ईमेल हाइजीन पर इसमें विचार किया गया है।

Eight Prevention Tips to Secure Your Mobile Phone : The Freedom of Press Foundation ने एक इन्फोग्राफिक के माध्यम से अपने मोबाइल फोन को सुरक्षित करने के लिए आठ उपाय बताए हैं।

The Freedom of Press Foundation के न्यूजरूम डिजिटल सिक्योरिटी के निदेशक हार्लो होम्स के साथ एक साक्षात्कार भी काफी महत्वपूर्ण है। वह बताते हैं कि किस तरह हर दिन नई चुनौतियों से गुजरना पड़ता है।

The Digital First Aid Kit : द डिजिटल फर्स्ट एड किट – इसमें मानव अधिकार कार्यकर्ताओं, ब्लॉगर्स, सोशल एक्टिविस्टों और पत्रकारों को हमलों का सामना करने के लिए उपकरण का एक सेट प्रदान किया गया है। यह किसी खतरे के वक्त सहायता करने के लिए डिजिटल दिशानिर्देश प्रदान करता है। इसे Digital Defenders Partnership और एक दर्जन से अधिक एनजीओ ने मिलकर बनाया था।

Security for Journalists, Part One : The Basics – जोनाथन स्ट्राय द्वारा तैयार  डिजिटल सुरक्षा : भाग एक – बुनियादी बातें। Security for Journalists, Part Two: Threat Modeling जोनाथन स्ट्राय द्वारा तैयार – डिजिटल सुरक्षा : भाग दो – थ्रेट मॉडलिंग।

Protecting Your Sources When Releasing Sensitive Documents: टेड हान और क्विन नॉर्टन ने संवेदनशील दस्तावेजों को जारी करते समय अपने स्रोतों की रक्षा पर यह सुझाव तैयार किया है।

Digital Security For Freelancers : Rory Peck Trust ने फ्रीलांसरों के लिए डिजिटल सुरक्षा पर इसे तैयार किया। इसमें विभिन्न प्रकार के डिजिटल सुरक्षा विषयों को कवर किया गया है।

Security Tools for Investigative Journalists:  The International Consortium of Investigative Journalists ने खोजी पत्रकारों के लिए सुरक्षा उपकरणों पर यह पावर प्वाइंट बनाया है।

The Journalist’s Toolbox:  Society for Professional Journalists ने पत्रकारों के लिए इस टूलबॉक्स में कई संसाधनों को शामिल किया है।

Security in a Box : इसमें ऑनलाइन प्रोफाइल को निम्न बनाए रखने के सरल तरीकों पर कई वीडियो ट्यूटोरियल की एक श्रृंखला बनाई गई है। यह फ्रेंच, स्पेनिश, इतालवी, पुर्तगाली, रूसी, अरबी, अर्मेनियाई, क्रोएशियाई, यूक्रेनी, सर्बियाई, अल्बानियाई, बोस्नियाई भाषाओं में उपलब्ध है।

Journalism Security Guide : Technology Security (Chapter 3) – The Committee to Protect Journalists ने पत्रकारों की साइबर सुरक्षा को इस गाइड में शामिल किया है।

इरेटा सिक्यूरिटी के रॉबर्ट ग्राहम ने सीपीजे द्वारा तैयार ‘एडवाइस आफ क्रासिंग बाॅर्डर्स‘ पर यह टिप्पणी लिखी है।

Online Survival Kit:  रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स ने एक ऑनलाइन सर्वाइवल किट का प्रकाशन किया है। यह पांच भाषाओं में उपलब्ध है।

Digital First Aid Kit:  यह एक दर्जन मीडिया संबंधी एनजीओ द्वारा बनाई गई एक गाइड है। इनमें Free Press Unlimited, Freedom House, Global Voices और Internews  शामिल हैं।

Information Security for Journalists – लंदन स्थित Centre for Investigative Journalism ने 80 पेज की यह हैंडबुक जारी किया है। यह पत्रकारों के लिए सूचनाओं की सुरक्षा संबंधी तरीकों और तकनीकों से परिपूर्ण है।

Building Digital Safety for Journalism:  यूनेस्को की रिपोर्ट बिल्डिंग डिजिटल सेफ्टी फाॅर जर्नलिज्म में 12 प्रकार के डिजिटल खतरों को चिन्हित किया गया है। इसमें अवैध या मनमाने ढंग से डिजिटल निगरानी, पत्रकारों के लोकेशन और आवाजाही पर नजर रखने और उनके सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ जैसे खतरे शामिल हैं। इसमें पत्रकारों को अपने डेटा और खुद को सुरक्षित रखने के सुझाव दिए गए हैं।

फेसबुक ने 20 भाषाओं में पत्रकारों के लिए सेफ्टी टिप्स बनाई है।

Guide to Privacy Resources 2019:  गाइड टू प्राइवेसी रिसोर्स 2019 – इस गाइड में निशुल्क गोपनीयता अनुप्रयोगों, उपकरणों और सेवाओं की एक व्यापक सूची है। इसे कोई उपयोगकर्ता कई उपकरणों पर लागू कर सकता है। इसे LLRX (Law and Technology Resources for Legal Professionals) के लिए मार्कस पी. जिलमैन ने संकलित किया है।

The Motherboard Guide to Not Getting Hacked:  यह मदरबोर्ड की सुरक्षा के लिए व्यापक मार्गदर्शिका है। इसमें मोबाइल सुरक्षा के भी उपाय बताए गए हैं।

A DIY Guide to Feminist Cybersecurity: नोहा केली ने इसमें साइबर-फेमिनिज्म की पड़ताल की है। इसे HACK*BLOSSOM. नामक एक्टिविस्ट संगठन के माध्यम से जारी किया गया है।

Cybersecurity for journalists and the news media: ईएसईटी नामक सुरक्षा कंपनी के स्टीफन कॉब द्वारा तैयार किया गया यह एक संसाधन है। इसमें पत्रकारों और समाचार मीडिया की साइबर सुरक्षा के लिए वेबसाइट और संसाधनों को सूचीबद्ध किया गया है।

Secure Communications Basics for Journalists: पत्रकारों के लिए सुरक्षित संचार की मूल बातें – गाबोर स्जथमारी ने 2017 में इसे लिखा। इसमें दस्तावेजों, त्वरित संदेश और फाइलों के सुरक्षित संचार पर केंद्रित किया गया है।

Best Practices for Conducting Risky Research and Protecting Yourself from Online Harassment:  इसे Data&Society ने वर्ष 2016 में प्रकाशित किया था। इसे अकादमिक शोधकर्ताओं के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें उपयोगी सलाहों और अन्य संसाधनों की सूची शामिल है।

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