Political Kidnapping and Forced Disappearances

Disappearing people benefits the perpetrators in several ways: it considerably complicates any investigation, the person — dead or alive — remains hidden most of the time, and it can be mixed or confused with other crimes, such as kidnapping, child abduction, human trafficking, forced recruitment, murder, or desecration of a human corpse. 

China's Secret Fishing Fleet

Data Journalism Top 10: China’s Vast Fishing Fleet, Europe’s Internet Speed, Afghan Resources, and US Murders Rate

Tracking the most popular data journalism stories on Twitter from September 20 to September 26, using NodeXL mapping and our own human curation, we found investigations into burning oil in the Greek islands and heat-related deaths in German cities. In this edition, we also feature an exclusive story about China’s vast, secretive fishing fleet, a look at the US arms race, and an analysis of suspicious anomalies in the recent Russian election results.

पत्रकारों की सुरक्षा कैसे?

दुनिया भर में पत्रकारों की असुरक्षा के आंकड़े काफी चिंताजनक हैं। ‘कमिटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स‘ के अनुसार, 1992 से अब तक 1400 से अधिक पत्रकारों की हत्या कर दी गई। उनमें से 890 से अधिक पत्रकारों के किसी भी हत्यारे को कभी न्याय के कटघरे में लाया तक नहीं गया। दोषियों पर कार्रवाई नहीं किया जाना उन्हें ‘दंड से मुक्ति‘ देने के समान है। सौ खून माफ? यानी हत्यारों को ‘इम्प्यूनिटी‘ मिल गई। आज भी दुनिया भर में 274 से अधिक पत्रकार जेल में बंद हैं। यह समस्या विकराल रूप लेती जा रही है। ताजा आंकड़े पत्रकारों पर हमलों और हत्याओं के नए रिकॉर्ड बना रहे हैं।

मैरी कॉल्विन और डेनियल पर्ल जैसे हाई प्रोफाइल पत्रकार भी हत्या का शिकार हुए हैं। लेकिन मरने वालों में अधिकांश पत्रकार स्थानीय मीडिया से जुड़े हैं। ऐसे आंकड़े असल सच्चाई की एक झलक मात्र हैं। पत्रकारों की पिटाई, अपहरण, कारावास और धमकियों की संख्या काफी अधिक है। उन्हें चुप कराने की कोशिशें भी बड़ी संख्या में हो रही हैं।

पत्रकारों को ख़तरा विभिन्न क़िस्म की ताक़तों से है। इनमें ड्रग माफिया, आतंकी समूह, निरंकुश सरकारें, जातीय शत्रु, उन्मादी और अराजक तत्व इत्यादि शामिल हैं। दुनिया में पत्रकारों की सुरक्षा के लिए कई संगठन सक्रिय हैं। इनमें अभिव्यक्ति की आजादी के पक्षधर प्रतिनिधि संगठनों के साथ ही ‘संयुक्त राष्ट्रसंघ‘ तथा ‘ऑर्गेनाइजेशन फाॅर सिक्यूरिटी एंड काॅ-ऑपरेशन इन यूरोप‘ शामिल हैं। ‘ग्लोबल इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म नेटवर्क‘ की संसाधन श्रृंखला में हम पत्रकारों की सुरक्षा के लिए यह गाइड प्रकाशित कर रहे हैं। यहां कई प्रमुख गाइडों के लिंक प्रस्तुत हैं। साथ ही, प्रेस स्वतंत्रता पर सक्रिय प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संगठनों का विवरण भी दिया गया है।
संघर्ष कवरेज के दौरान पत्रकार अपनी सुरक्षा कैसे करें
What to Do When Authorities Raid Your Home:किसी पत्रकार के घर पर जब अधिकारी कोई छापामारी करें, तो क्या करना चाहिए, यह जानना जरूरी है। किसी भी सरकारी एजेंसी द्वारा छापेमारी के दौरान आपको कैसा व्यवहार करना चाहिए, यह समझने के लिए इस गाइड का उपयोग करें। अधिकारियों को जब यह बात समझ में आएगी कि आप अपने अधिकारों के बारे में जानते हैं, तो वे अधिक संयमित होंगे और ज्यादती करने से हिचकेंगे।

What to Do When You Or Your Sources Are Being Followed: जब आपका या आपके स्रोतों का पीछा किया जा रहा हो, तो क्या करना चाहिए। आपके खिलाफ जासूसी के मामलों से कैसे निपटें? NICAR21 data journalism conference (2021) पर आधारित यह गाइड काफी महत्वपूर्ण है।

Committee for the Protection of Journalists’ Safety Kit: ‘कमिटी फाॅर द प्रोटेक्शन ऑफ जर्नलिस्ट्स‘ (सीपीजे) ने पत्रकारों के लिए वर्ष 2018 में यह सुरक्षा किट जारी किया था। चार खंडों का यह गाइड पत्रकारों और मीडिया संस्थानों के लिए काफी उपयोगी है। इसमें भौतिक, डिजिटल और मनोवैज्ञानिक सुरक्षा के लिए संसाधनों और उपकरणों की जानकारी मिलती है। सीपीजे ने पत्रकारों की सुरक्षा के लिए कई अन्य गाइड भी जारी किए हैं। इनका उपयोग सार्थक होगा। इसके अलावा सीपीजे ने Safety Notes भी प्रकाशित किए हैं, जैसे :  Physical safety: Solo reporting और Physical safety: Mitigating sexual violence, अमेरिकी चुनावों के समय जारी किया गया यह सुरक्षा किट भी महत्वपूर्ण है :  U.S. elections 2020: Journalist safety kit. The Safety Guide for Journalists: पत्रकारों के लिए सुरक्षा गाइड:  ‘रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स‘ और यूनेस्को ने 2017 में उच्च जोखिम वाले परिवेश में काम करने वाले पत्रकारों के लिए एक पुस्तिका जारी की थी। यह अंग्रेजी, फ्रेंच,स्पेनिश और पुर्तगाली में उपलब्ध है।

A Culture of Safety (ACOS):  ‘ए कल्चर ऑफ सेफ्टी‘ (एसीओएस)  यह मीडिया संस्थानों, स्वतंत्र पत्रकार संघों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए सक्रिय स्वयंसेवी समूहों का गठबंधन है। यह सुरक्षित और जवाबदेह पत्रकारिता को आगे बढ़ाने का साझा प्रयास है। इस गठबंधन ने पत्रकारों के लिए कई गाइड जारी किए हैं। जैसे- ‘सुरक्षा स्व-मूल्यांकन उपकरण‘, ‘सुरक्षा सिद्धांत‘, ‘सुरक्षा जाँच सूची‘ तथा अन्य। ऐसे संसाधन अरबी, फ्रेंच, हिब्रू, फारसी, पुर्तगाली, रूसी, स्पेनिश और तुर्की भाषाओं में उपलब्ध हैं।

Security Manual for Protest Coverage, अबराजी (द ब्राजीलियन एसोसिएशन ऑफ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म) ने प्रोटेस्ट कवरेज के लिए यह सुरक्षा मैनुअल जारी किया है। यह अंग्रेजी, पुर्तगाली और स्पेनिश भाषाओं में उपलब्ध है। सड़कों पर विरोध प्रदर्शनों को कवर करने वाला अनुभाग भी काफी उपयोगी है।

Safety Handbook for Women Journalists: महिला पत्रकारों के लिए यह सुरक्षा पुस्तिका 95 पेज की है। इसे ‘इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ वीमेन रेडियो और टेलीविजन‘ ने वर्ष 2017 में जारी किया गया था। इसमें महिला पत्रकारों को संघर्ष क्षेत्रों और युद्ध रिपोर्टिंग के दौरान जोखिम के मूल्यांकन, ऑनलाइन उत्पीड़न से बचाव और यात्रा सुरक्षा जैसे विषयों पर उपयोगी सलाह मिलती है।

Covering demonstrations and civil disorder: ‘इंटरनेशनल न्यूज सेफ्टी इंस्टीट्यूट‘ ने प्रदर्शन और सार्वजनिक अव्यवस्था को कवर करने के लिए यह मार्गदर्शिका जारी की है। इसमें बताया गया है कि किसी असाइनमेंट की योजना कैसे बनाई जाए, कौन से उपकरण ले जाने हैं, और घटनास्थल पर क्या देखना चाहिए।

The Hong Kong Protests: An FCC Workshop Series for Journalists: ‘द फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब‘, हांगकांग द्वारा वर्ष 2019 में किए गए वेबिनार की यह श्रृंखला भी काफी उपयोगी है। इसके कुछ स्लाइड शो भी उपलब्ध हैं।

23 guidelines for journalists to safely cover protests: पॉयन्टर इंस्टीट्यूट ने विरोध प्रदर्शनों को सुरक्षित रूप से कवर करने के लिए यह 23 दिशानिर्देश जारी किया है। वर्ष 2020 में अमेरिका के मिनियापोलिस में जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या के बाद विरोध प्रदर्शन के संदर्भ में प्राप्त सुझावों के आधार पर इसे तैयार किया गया।

What to do if you’re exposed to tear gas- यदि आप आंसू गैस का शिकार हो जाएं, तो क्या करें? पॉपुलर साइंस पत्रिका में वर्ष 2019 में प्रकाशित यह मार्गदर्शिका बताती है कि अपनी और दूसरों की सुरक्षा कैसे करें।

Tips for staying safe while covering violent protests हिंसक विरोध प्रदर्शनों को कवर करते हुए सुरक्षित रहने के टिप्स – जॉर्ज लुइस सिएरा का 2017 का लेख। आइजेनेट ने इसे अंग्रेजी में अनुवाद करके पुनर्प्रकाशित किया।

A guide for journalists covering protests विरोध प्रदर्शन कवर करने वाले पत्रकारों के लिए गाइड – अमेरिकी समूह मकरॉक द्वारा 2017 में जारी यह मार्गदर्शिका बताती है कि विरोध प्रदर्शन को कवर करते समय पत्रकार खुद की और अपने उपकरणों की सुरक्षा का प्रबंधन कैसे करें।

13 security tips ‘हार्वर्ड कैनेडी स्कूल शोरेंस्टीन सेंटर जर्नलिस्ट्स रिसोर्स‘ के द्वारा यह ‘13 सुरक्षा सलाह‘ दी गई है। यह खास तौर पर ऑनलाइन नफरत को कवर करने वाले पत्रकारों के लिए काफी उपयोगी है।

COVID-19 Safety Protocol वर्ष 2020 में ‘एसीओएस एलायंस‘ ने यह ‘कोविड-19 सुरक्षा प्रोटोकॉल‘ लॉन्च किया। इसमें कोरोना महामारी के दौरान मीडिया संस्थानों के सामने मौजूद चुनौतियों से निपटने के उपयोगी सुझाव दिए गए हैं। खास तौर पर स्वतंत्र पत्रकारों की सुरक्षा को भी ध्यान में रखा गया है। इसके सुझावों और उपकरणों को अन्य प्रकार के संकट के दौरान कवरेज के दौरान भी उपयोग में लाया जा सकता है।

Safe + Secure यह हैंडबुक वर्ष 2019 में जारी किया गया। इसकी चेकलिस्ट में डॉक्यूमेंट्री फिल्म निर्माताओं की सुरक्षा के मुद्दों पर उपयोगी जानकारी दी गई है। इसमें यह भी बताया गया है कि इस संबंध में प्रशिक्षण कहां मिलेगा।

5 tips from IPI for journalists experiencing harassment ‘इंटरनेशनल प्रेस इंस्टीट्यूट‘ का वर्ष 2020 में प्रकाशित यह लेख ऑनलाइन उत्पीड़न का सामना करने वाले पत्रकारों की मदद के लिए न्यूज रूम प्रोटोकॉल बताता है। आइपीआइ ने ऑनलाइन उत्पीड़न से निपटने के लिए अन्य संसाधन भी तैयार किए हैं।

Online SOS  ऑनलाइन उत्पीड़न का सामना कर रहे पत्रकारों के लिए यह ऑनलाइन एसओएस संसाधन है। इसमें चेकलिस्ट, विशेषज्ञ गाइड और संसाधन की सूचियां शामिल हैं।

The Online Harassment Field Manual ‘पेन अमेरिका‘ ने वर्ष 2017 में यह ‘ऑनलाइन उत्पीड़न फील्ड मैनुअल‘ जारी किया। इसमें लेखकों, पत्रकारों को साइबर घृणा और ऑनलाइन उत्पीड़न से बचाव की प्रभावी रणनीतियाँ और संसाधन शामिल हैं।

The Safety Net Manual, इसमें आपातकालीन स्थितियों में पत्रकारों के लिए दिशानिर्देश दिए गए हैं। इसे दक्षिण पूर्व यूरोप मीडिया संगठन ने वर्ष 2017 में बनाया था। यह अंग्रेजी तथा 11 अन्य भाषाओं में उपलब्ध है।

Police, Protestors, and the Press प्रेस की स्वतंत्रता के लिए ‘यूएस ग्रुप रिपोर्टर्स कमिटी‘ द्वारा वर्ष 2020 में जारी यह कानूनी सलाह भी पत्रकारों के लिए उपयोगी है।

Radio Television Digital News Association Guidelines: Civil Unres  अमेरिकी समूह की इस गाइड में सुरक्षा के उपाय बताए गए हैं। साथ ही, इसमें खास तौर पर यह बताया गया है कि सार्वजनिक अशांति के मामलों की रिपोर्टिंग कैसे करें। उदाहरण के लिए, इसमें सलाह दी गई है कि किसी भी व्यक्ति की मंशा पर अपनी कोई टिप्पणी न करें। आप यह नहीं जानते कि कोई क्या सोचता या महसूस करता है। आप केवल यह जान सकते हैं कि वह क्या कहता है, या क्या करता है।

Online Harassment of Journalists: Attack of the Trolls: ‘रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स‘ ने 12 ब्यूरो के अपने विश्वव्यापी नेटवर्क के संवाददाताओं की मदद से पत्रकारों पर नए खतरों की जानकारी दी है। इसमें बताया गया है कि सोशल मीडिया में धमकी और अपमान के जरिए किस तरह पत्रकारों का ऑनलाइन उत्पीड़न किया जाता है। ट्रोल्स का यह हमला पत्रकारों को चुप कराने की साजिश है। ‘रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स‘ ने इन खतरनाक ऑनलाइन अभियानों का जवाब देने के लिए वर्ष 2018 में 25 सिफारिशें पेश की। इसमें सरकारों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, मीडिया कंपनियों और विज्ञापनदाताओं के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए। See GIJN summary.