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खोजी पत्रकारिता

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GIJN Academy collage

जीआईजेएन ने खोजी पत्रकारिता की अकादमी आरंभ की

इसके अंतर्गत प्रशिक्षण लेने वालो के लिए खोजी पत्रकारिता का परिचय, ऑनलाइन ठगी, सैटेलाइट इमेजरी, सहयोगात्मक रिपोर्टिंग, खाद्य असुरक्षा, तकनीक और एआई, पर्यावरण अपराध, लीक और डेटा पत्रकारिता आदि विषयों से परिचित कराया जाएगा।

डिजिटल घोटाले, जानलेवा अस्पताल, भयावह आप्रवासन : 2025 में भारत की सर्वश्रेष्ठ खोजी खबरें

खोजी पत्रकारिता धीरे-धीरे अंग्रेजी मीडिया से निकलकर स्थानीय भाषा के समाचार पत्रों के दफ्तरों की ओर बढ़ रही है। हिंदी अखबार और स्वतंत्र यूट्यूब पत्रकार, खोजी पत्रकारिता को अपना रहे हैं। इनमें खास तौर पर स्थानीय भाषाओं के पत्रकार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

नई तकनीक और एआई पर चर्चा के साथ खोजी पत्रकारों के वैश्विक सम्मेलन की शुरुआत

इन सबके बावजूद, पत्रकारों के सामने एक नाजुक जिम्मेदारी, नफरत को अनजाने में बढ़ावा न देने की है। पैनलिस्टों ने सुझाव दिया कि पत्रकारों को नफरत भरे संदेशों को संदर्भ सहित रिपोर्ट करना चाहिए। उनका प्रसार कम से कम रखना चाहिए। निशाने पर आए समुदायों की आवाज़ को प्रमुखता देनी चाहिए और गालियों या नफरत भरी भाषा को सीधे दोहराने से बचना चाहिए।

संसाधन गाइड

AI का उपयोग करके तैयार किए गए कंटेंट का पता कैसे लगाएं

पहले एआई से बनी फोटो के टेक्स्ट में कुछ अक्षर खराब आते थे। लेकिन अब वह समस्या नहीं रही। अब कई एआई मॉडल में त्रुटिहीन टाइपोग्राफी मिलती है। ओपेन एआइ ने डेल-ई थ्री को विशेष रूप से टेक्स्ट सटीकता के लिए प्रशिक्षित किया है। मिडजर्नी वी-सिक्स ने “सटीक टेक्स्ट” को एक विपणन योग्य विशेषता के रूप में जोड़ा है। पहले टेक्स्ट की खराबी को एआई फोटो पहचानने का आसान तरीका समझा जाता था। लेकिन यह विधि अब शायद ही कभी काम करती है। इसी तरह, किसी फोटो में बेमेल कान, अस्वाभाविक रूप से विषम आंखें, रंगे हुए दांत जैसी समस्या भी अब खत्म होती जा रही है। जनवरी 2023 में उत्पन्न पोर्ट्रेट छवियों में आसानी से पता लगाने योग्य कमियां दिखाई देती थीं। लेकिन अब विश्वसनीय चेहरे उत्पन्न हो रहे हैं।

संसाधन गाइड

सोशल मीडिया एल्गोरिदम की जांच कैसे करें

सोशल मीडिया पर एल्गोरिदम बेहद जटिल होते हैं। उन्हें बनाने वाली कंपनियां यह नहीं बतातीं कि यह कैसे काम करता है। इसलिए खोजी पत्रकारों को इन प्लेटफ़ॉर्म के बारे में जवाबदेही पत्रकारिता करते समय एल्गोरिदम के हानिकारक परिणामों पर ध्यान देना चाहिए। इसमें इन प्लेटफार्मों पर वायरल होने वाली सामग्री के प्रकारों को देखना होगा। यह समझना होगा कि कुछ कमजोर आबादी को किस प्रकार के वीडियो दिखाए जा रहे हैं। एल्गोरिदम कैसे काम कर रहा है?

A reporter holding a magnifying glass peers out of the Indian flag.

सदस्यों के बारे में

कठिन सवाल, निर्भीक पत्रकारिता: ‘द रिपोर्टर्स कलेक्टिव’

आज ‘द रिपोर्टर्स कलेक्टिव’ में छह पूर्णकालिक कर्मचारी कार्यरत हैं। स्वतंत्र पत्रकारों का एक अच्छा नेटवर्क है। यह हर महीने दो से तीन लंबी जांच-पड़ताल पर ध्यान केंद्रित करता है। इसकी कार्यप्रणाली ‘मितव्ययी’ है। यह पूरी तरह से पाठकों द्वारा वित्त पोषित है। यह उनके दान पर निर्भर है। नितिन सेठी कहते हैं- “पहले दिन से ही हमारी 85% राशि का उपयोग खबरों के उत्पादन में लग रहा है।”

An illustration shows the shadows of four reporters in the choppy seas of data journalism, making their way towards a lighthouse.

एशिया में डेटा पत्रकारिता : मीडिया, समुदाय और साक्ष्यों के नए रिश्ते

इंडिया-स्पेंड धीमे और धैर्यपूर्ण डेटा कार्य की ताकत को दर्शाता है। लेकिन एल्गोरिदम की गति डेटा पत्रकारिता में एक कमज़ोर बिंदु को उजागर करती है। रॉयटर्स 2025 फ़ेलो और बूम लाइव की उप-संपादक, करेन रेबेलो कहती हैं – “एल्गोरिदम के सामाजिक प्रभाव पर अधिकांश डेटा-संचालित शोध अनुदान-वित्त पोषित हैं। मुख्यधारा के समाचार संस्थान इसमें कोई निवेश नहीं कर रहे हैं।”

एशिया : सरकारी खजाने की लूट पर साझा खोजी पत्रकारिता

एक समय किर्गिज़स्तान की गिनती मध्य एशिया के सबसे लोकतांत्रिक गणराज्यों में होती थी। यहां वास्तविक चुनाव होते थे। एक सशक्त नागरिक समाज और एक जीवंत मीडिया परिदृश्य था। लेकिन एक लोकलुभावन और निरंकुश राष्ट्रपति के शासन में कई स्वतंत्र मीडिया संस्थानों पर भारी दबाव हैं।

Asia Focus environmental exploitation

एशिया में घटती प्रेस की स्वतंत्रता के बावजूद पर्यावरण अपराधों पर साझा पत्रकारिता कैसे हो रही है

पर्यावरण संबंधी ज़रूरी मुद्दे स्वाभाविक तौर पर देशों की सीमाओं से परे होते हैं। इसलिए अच्छी जांच के लिए विभिन्न देशों में काम करना आवश्यक है। लेकिन भाषा, दूरी, प्रेस की स्वतंत्रता से जुड़े मामलों और संसाधनों की कमी के कारण साझा पत्रकारिता काफी चुनौतीपूर्ण है। इसके बावजूद, स्थानीय स्तर पर कई महत्वपूर्ण विषयों पर खोजी पत्रकारिता के उदाहरण देखने को मिलते हैं।

The megayacht Eclipse, owned by Russian oligarch Roman Abramovich. Abramovich was forced to sell his ownership stake in the English football club Chelsea after Russia invaded Urkaine in early 2022, due to the billionaire's ties to Russian President Vladimir Putin. Image: Shutterstock

अमीरों के भ्रष्टाचार के नए तरीकों पर रिपोर्टिंग कैसे करें?

यह मत सोचिए कि सरकारी जानकारी हमेशा उपलब्ध रहेगी। जिस देश में लोकतंत्र के कमजोर होने का खतरा हो, वहां आपको अपने रिकॉर्ड बनाने के लिए डेटा पत्रकारिता रणनीति का उपयोग करना चाहिए। रूस, कुछ अरब देशों और वेनेज़ुएला में ऐसे मामले देखने को मिल रहे हैं।