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Invetigative Agenda for Climate Change Journalism

जलवायु समाचार और विश्लेषण

जलवायु परिवर्तन पत्रकारिता के लिए खोजी एजेंडा

दुनिया भर में हजारों पत्रकार जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभाव पर रिपोर्टिंग कर रहे हैं। ऐसी पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए कई नेटवर्क स्थापित किए गए हैं। ऐसी पत्रकारिता जनसामान्य को सूचित करने और जोड़ने के लिए महत्वपूर्ण है। यह सत्ता में बैठे उन लोगों को चुनौती देने के लिए भी जरूरी है, जो पर्यावरण संरक्षण की बात करते हैं, लेकिन वास्तव में पृथ्वी को जला रहे हैं। ऐसी सत्ता की जवाबदेही सुनिश्चित करना ही खोजी पत्रकारिता का मौलिक कार्य है।

टिपशीट रिपोर्टिंग टूल्स और टिप्स

पत्रकार अपने स्मार्टफ़ोन से एक बेहतर फोटो कैसे ले सकते हैं

जेपीईजी फ़ाइलें अधिक पूर्ण चित्र बनाने के लिए फ़ोन की कम्प्यूटेशनल शक्ति का उपयोग करती हैं। प्रोरॉ फ़ाइलें तब तक उतनी बेहतर नहीं होंगी, जब तक कि आप उन पर काम न कर लें। वे सफेद के संतुलन और हाइलाइट्स पर बेहतर नियंत्रण प्रदान करती हैं। इनमें छाया और त्वचा टोन का अधिक गतिशील रेंज मिलता है।

GIJC23 Welcome 2

साल 2025 और 2027 के विश्व खोजी पत्रकारिता सम्मेलन GIJC के लिए प्रस्ताव आमंत्रित

यदि आपका संगठन अगले दो जीआईजेसी में से किसी एक की मेजबानी करना चाहता है, तो अपना प्रस्ताव प्रस्तुत कर सकते हैं। प्रस्ताव प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 5 फरवरी, 2024 है। 2025 और 2027 के सम्मेलन मेजबानों पर निर्णय जीआईजेएन द्वारा अपने निदेशक मंडल के साथ परामर्श के आधार पर किया जाएगा। प्रस्तावों को सार्वजनिक रूप से GIJN.org वेबसाइट पर पोस्ट कर दिया जाएगा।

रिपोर्टिंग टूल्स और टिप्स

फर्जी ट्वीट स्क्रीनशॉट की जांच कैसे करें?

कोई स्क्रीनशॉट असली है या नहीं, यह जांचने का एक आसान तरीका है। उस ट्वीटर एकांउट में यह देखना कि उस टाइमलाइन पर वह ट्वीट दिख रहा है या नहीं। स्क्रीनशॉट में तारीख हो तो उसके आधार पर देख सकते हैं। यदि तारीख पुरानी हो और वहां तक पहुंचने के लिए काफी स्क्रॉल करना पड़े, तो ट्विटर के एडवांस सर्च का उपयोग करें। देखें कि उस ट्वीटर खाते से वह ट्वीट किया गया है, या नहीं।

अवार्ड समाचार और विश्लेषण

साल 2023 की भारत की कुछ सर्वश्रेष्ठ खोजी खबरें: जीआईजेएन एडिटर्स पिक

भारत के सीमावर्ती राज्यों सिक्किम, लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश में चीनी घुसपैठ को भारत सरकार द्वारा बार-बार नकारा गया है। स्थानीय रिपोर्टों और विपक्ष के दावों के बावजूद, देश का मीडिया भी सीमा पार चीनी सैन्य गांवों के निर्माण की वास्तविकता को रिपोर्ट करने से कतरा रहा है। हालाँकि, भारत के प्रमुख मीडिया हाउस इंडिया टुडे की खोजी रिपोर्टिंग ने भारत सरकार के झूठे दावों को उजागर कर दिया।

क्रियाविधि रिपोर्टिंग टूल्स और टिप्स

शैक्षणिक शोध का उपयोग कैसे करें खोजी पत्रकार?

सरकारी एजेंसियां और अन्य संगठन अक्सर अपने निर्णयों को निर्देशित करने में सहायता के लिए किसी अकादमिक शोध पर भरोसा करते हैं। लेकिन संभव है कि उस शोध के निष्कर्षों को गलत समझा गया हो अथवा गलत तरीके से लागू किया गया हो। इसलिए पत्रकारों को यह समझना जरूरी है कि उस एजेंसी ने जिस शोध को आधार बनाया है, उसके निष्कर्ष के अनुरूप ही उस एजेंसी की भी समझ है अथवा नहीं।

संसाधन

जीआईजेएन का जर्नलिज्म सिक्युरिटी असेसमेंट टूल (JSAT) जारी

महिला पत्रकारों और फ्रीलांसरों का ऑनलाइन उत्पीड़न के बढ़ने के साथ ही  डिजिटल निगरानी भी एक नया खतरा है। रूना सैंडविक के अनुसार पत्रकारों को हर स्तर पर बेहतर सुरक्षा के लिए एक सुलभ रोडमैप की आवश्यकता है। यह उपकरण टीम वर्क को सबसे अच्छे समाधान के रूप में प्रस्तुत करता है।