पत्रकार कैसे बनाएं अपना डेटाबेस

आधिकारिक डेटा नहीं मिल पाने तथा उपलब्ध डेटा विश्वसनीय नहीं होने के कारण दुनिया भर के न्यूजरूम अपना डेटाबेस बना रहे हैं। विभिन्न मीडिया संगठनों द्वारा एक रिपोर्टिंग या खोजी संसाधन के रूप में डेटोबेस बना जा रहा है। जब घटनाएं हो रही हों, और जब सूचना के विभिन्न स्रोतों को क्रॉस-चेक करना जरूरी हो, तब ऐसे डेटा-बेस काफी उपयोगी होते हैं।

न्यूजरूम में खबरें कैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग कर लिखी जा रहीं हैं

कंप्यूटर साफ्टवेयर विभिन्न स्रोतों से डेटा आयात करके प्रवृत्तियों और पैटर्न को पहचान लेता है। कंप्यूटर अब भाषा प्रसंस्करण का उपयोग करके विशेषण और उपमाओं के साथ परिष्कृत वाक्यों का निर्माण करने में भी सक्षम हैं। रोबोट अब किसी फुटबॉल मैच में भीड़ की भावनाओं की रिपोर्ट भी सकता है।

ग्लोबल इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज़्म कॉन्फ्रेंस: एक पूर्वावलोकन

सम्मेलन का एक चौथाई भाग पूरी तरह से डेटा पत्रकारिता पर केंद्रित है। हम चर्चा और कार्यशालाओं के लिए दुनिया के सर्वश्रेष्ठ डेटा पत्रकारों को इकट्ठा कर रहे हैं।

डेटा और विजुअल जर्नलिज्म के इन विशेष प्रोजेक्ट के कारण आसान हुई कोविड महामारी की व्याख्या

कोविड-19 ने अंततः यह जता दिया है कि डेटा विश्लेषण कभी भी जुनून नहीं रहा है, लेकिन 21वीं सदी की पत्रकारिता के लिए यह एक मूलभूत आवश्यकता जरूर बन गया है। इस अर्थ में, कोविड महामारी ने मीडिया और उन पत्रकारों को निखारा है, जिन्होंने पिछले एक दशक में तथ्यों को लगातार पेश करने के अपने तरीके को मजबूत किया है।

कोविड-19 डेटा को चित्रांकन के माध्यम से प्रस्तुत करने के 10 टिप्स

डेटा चित्रांकन में अंकों, रंगों और अलग-अलग चार्ट व बार के उपयोग से न सिर्फ कम स्थान पर ज्यादा जानकारियों को प्रस्तुत किया जा सकता है, बल्कि रिपोर्ट को बोझिल होने से बचाते हुए रोचकता प्रदान की जा सकती है।