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जलवायु

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Invetigative Agenda for Climate Change Journalism

जलवायु समाचार और विश्लेषण

जलवायु परिवर्तन पत्रकारिता के लिए खोजी एजेंडा

दुनिया भर में हजारों पत्रकार जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभाव पर रिपोर्टिंग कर रहे हैं। ऐसी पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए कई नेटवर्क स्थापित किए गए हैं। ऐसी पत्रकारिता जनसामान्य को सूचित करने और जोड़ने के लिए महत्वपूर्ण है। यह सत्ता में बैठे उन लोगों को चुनौती देने के लिए भी जरूरी है, जो पर्यावरण संरक्षण की बात करते हैं, लेकिन वास्तव में पृथ्वी को जला रहे हैं। ऐसी सत्ता की जवाबदेही सुनिश्चित करना ही खोजी पत्रकारिता का मौलिक कार्य है।

टिपशीट जलवायु रिपोर्टिंग टूल्स और टिप्स

जलवायु परिवर्तन पर अपनी सरकार को जवाबदेह कैसे बनाएं

प्रत्येक देश की स्वैच्छिक प्रतिज्ञाओं का वर्णन करने वाले मूल दस्तावेज़ को ‘नेशनली डिटरमाइंड कॉन्ट्रिब्यूशन’ (एनडीसी) कहा जाता है। जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौते में 194 देशों ने हस्ताक्षर किए हैं। इनमें से प्रत्येक देश ने कम-से-कम एक एनडीसी प्रस्तुत किया है। इन्हें UNFCCC में सूचीबद्ध किया गया है ।

संसाधन

पर्यावरण पर इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग के लिए रिमोट सेंसिंग और डेटा टूल्स

पृथ्वी पर जल और जमीन की सतहों में आने वाले बदलावों का पता लगाने और उनकी माप-जोख करने में भी यह उपकरण खोजी रिपोर्टरों की मदद कर सकता है। पिछले साल ईआईएफ ने बुल्गारिया की वर्ना झील और उसके पास की खाड़ी में गंदे पानी (वेस्ट वॉटर) के एक बड़े रिसाव से हुए नुकसान की जांच की। यह काला सागर से जुड़ा हुआ मछली पकड़ने और पर्यटन का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है। टीम ने झील पर शैवाल के फैलने का पता लगाने के लिए सैटेलाइट इमेजरी का उपयोग करने का निर्णय लिया।

गाइड संसाधन

जलवायु परिवर्तन: मीथेन उत्सर्जन की रिपोर्टिंग पर जीआईजेएन की गाइड

कई कंपनियां अपने मीथेन उत्सर्जन के बारे में पारदर्शी नहीं हैं, लेकिन उन पर ज्यादा जानकारियां सार्वजनिक करने और उत्सर्जन घटाने का दबाव बढ़ रहा है। उनसे बढ़ रही अपेक्षाएं पत्रकारों में- जिनमें बिजनेस जर्नलिस्ट भी शामिल हैं- ऐसी प्रेरणा जगाने के लिए काफी होनी चाहिए कि वे उनसे और ज्यादा सवाल पूछें।