सिर्फ एक ईमेल के लहजे से खतरे में पड़ सकती है साझा जांच: सात साल के अनुभव
आजकल साझेदारी आधारित खोजी पत्रकारिता के काफी प्रयोग हो रहे हैं। ऐसे सहयोग विभिन्न देशों की सीमाओं के पार भी होते हैं जिसके कारण वैश्विक पत्रकारिता संभव हो पाती है। विभिन्न साझेदारों के संसाधनों, अनुभवों और विशेषज्ञता का लाभ मिलता है। ऐसे सहयोग को सर्वोत्तम माना जाता है, जो सहज हों। जिसमें प्रत्येक भागीदार की बात सुनी जाती हो। इसमें सभी भागीदार अपना योगदान देते हैं। उनमें किसी मतभेद पर चर्चा के जरिए जांच को समृद्ध किया जाता है। सबके प्रयासों से अंतिम जांच काफी व्यापक होती है।